कानपुर देहात, जेएनएन। क्षेत्र के गहोलिया गांव के बिङ्क्षल्डग मैटेरियल विक्रेता विमल तिवारी की सिर पर वारकर व गला घोंटकर हत्या कर दी गई। हत्यारों ने शव को फंदे पर लटकाकर फांसी का रूप देने की कोशिश की गई। जमीन विवाद में पूर्व प्रधान पर हत्या का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। विधायक और पूर्व सांसद भी पहुंचे। एसओ व हल्का इंचार्ज पर आरोपितों से मिलीभगत का आरोप लगाकर नाराजगी जताई। एएसपी, सीओ व एसडीएम से लोगों ने कार्रवाई की मांगकर शव को उठने नहीं दिया। एएसपी ने कार्रवाई की बात कही तब शांत हुए। 

गहोलिया गांव निवासी किसान अवधेश तिवारी के 25 वर्षीय पुत्र विमल उर्फ आशू तिवारी गांव के बाहर गहोल देवता मंदिर के पास बिङ्क्षल्डग मैटेरियल की दुकान चलाते थे। वह यहीं सोते भी थे। गुरुवार दोपहर 12 बजे करीब भाई दीपक खाना लेकर पहुंचा तो देखा कि जमीन पर लहूलुहान हालत में शव पड़ा है। सिर पर चोट के दो गहरे निशान थे, गला घोंटकर हत्या की गई थी। पास में ही बेल्ट टंगी थी, जिसमें साइकिल का ट््यूब लटका था। लोगों ने आशंका जताई कि इससे फंदे पर लटकाकर आत्महत्या का रूप दिए जाने की तैयारी हत्यारों ने की थी। भाई ने पूर्व प्रधान बबलू ङ्क्षसह, उसके भाई ओमकार ङ्क्षसह और साथियों पर ग्राम समाज की जमीन में निर्माण कराने का विरोध करने पर हत्या करने का आरोप लगाया। इधर, रूरा के अलावा शिवली, डेरापुर,गजनेर, अकबरपुर थाने की पुलिस व सीओ सदर अरुण कुमार सहित एसडीएम अकबरपुर राजीव राज मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने हत्यारोपित व पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया। कुछ देर बाद विधायक प्रतिभा शुक्ला व पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी पहुंचे और नाराजगी जताई। उनका कहना था कि एसओ व हल्का इंचार्ज इसमें जिम्मेदार हैं और शव उठाने से पहले इनको निलंबित किया जाए। काफी देर तक मान मनौवल चलता रहा। भीड़ की मांग पर शाम को अपर पुलिस अधीक्षक घनश्याम चौरसिया ने हल्का इंचार्ज राजीव कुमार को निलंबित और एसओ धर्मेंद्र मलिक को लाइन हाजिर करने का आश्वासन दिया तब शव उठने दिया गया। एएसपी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। 

तीन नामजद व दो अज्ञात पर मुकदमा : दिवंगत विमल के भाई दीपक की तहरीर पर आरोपित पूर्व प्रधान श्याम ङ्क्षसह उर्फ बबलू ङ्क्षसह, विजय ङ्क्षसह सेंगर, अंकित ङ्क्षसह व अजय ङ्क्षसह उर्फ ङ्क्षपटू व दो अज्ञात के खिलाफ हत्या व घर में घुसकर पीटने और बलवा की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। 

ग्राम समाज की जमीन के लिए चार वर्ष से था विवाद : विपिन तिवारी व पूर्व प्रधान बबलू ङ्क्षसह का ग्राम समाज की जमीन को लेकर तीन चार वर्ष से विवाद था। बीते तीन वर्ष पूर्व विपिन तिवारी ने गांव के ही एक व्यक्ति से जमीन खरीदकर बिङ्क्षल्डग मैटेरियल की दुकान खोली थी। आरोप है कि दुकान निर्माण के दौरान तत्कालीन प्रधान ने उसकी लिखापढ़ी वाली जगह पर निर्माण न करने के लिए कई अड़ंगे लगाए थे, लेकिन वह निर्माण कराने में सफल होने के साथ ही दुकानदारी में सफल रहे, इसके बाद अन्य लोगों ने भी यहां जगह लेकर दुकानें बनवा लीं। धीरे-धीरे के दुकान बनने पर जगह महंगी हो गई तो, स्वास्थ्य उपकेंद्र के बगल में खाली पड़ी जगह पर पूर्व प्रधान व उसके स्वजन ने निगाह गड़ा ली। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व प्रधान ने हाल ही में पुलिस से साठगांठ कर पक्का निर्माण करा लिया है। दिवंगत के भाई दीपक तिवारी ने बताया कि ग्राम समाज की जगह पर निर्माण न होने के लिए हाल ही में मंडलायुक्त ने निर्देशित किया था। इसके बावजूद उसका निर्माण करा दिया गया। यहां तक कि सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला व पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने पुलिस को निर्देशित किया, लेकिन पुलिस नहीं मानी और उसका निर्माण करा दिया गया। इसी वजह से स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा है। 

Edited By: Shaswat Gupta