कन्नौज, जेएनएन। जिले की कांशीराम कालोनी निवासी युवती ने घर के एक कमरे में दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। स्वजन ने घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिस पर प्रभारी निरीक्षक कृष्णलाल पटेल मौके पर पहुंचे तो स्वजन ने शव को नहीं उतारने दिया। उन्होंने उच्चाधिकारियों को बुलाए जाने की मांग करते हुए हंगामा किया। इस पर सीओ सिटी शिवप्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और स्वजन को समझाने का प्रयास किया। युवती की मां ने बताया कि उनकी बेटी की शादी 20 मई 2021 को कानपुर देहात के थाना रसूलाबाद क्षेत्र में हुई थी। शादी के पांच दिन बाद दामाद की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। तब से बेटी मायके में ही रह रही थी। 20 जुलाई को कस्बा निवासी नौशाद पुत्र अकलाख ने बेटी के साथ छेडख़ानी की थी। मामले में आरोपित के भाई दिलदार, आफताब के अलावा जानू खान, व सभासद पति शमीम व थाने के दारोगा जंगबहादुर ने मामले में समझौता करने का उस पर दबाव बनाया। दारोगा ने पीड़िता को 20 हजार रुपये दिलवाए, लेकिन आरोपित पर कार्रवाई नहीं की। सीओ ने सभी आरोपितों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब एसएसआइ नन्हेलाल ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। 

दारोगा को बचाने में जुटी रही पुलिस: खुदकुशी से पहले पीड़िता ने दारोगा जंगबहादुर से छेड़छाड़ की शिकायत की थी, लेकिन दारोगा कार्रवाई की बजाय उसे ही धमकाता रहा। उसने समझौते का दबाव बनाया और आरोपित से 20 हजार रुपये जबरन दिलवा दिए। इससे पूरे कस्बे में उसकी बदनामी हुई, इसी से आहत होकर युवती ने आत्महत्या कर ली। इसके बाद भी पुलिस दारोगा काे बचाती रही। स्वजन ने तहरीर दी, जिसमें दारोगा का नाम था, पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन दारोगा को मुलजिम नहीं बनाया और न ही उस पर कोई विभागीय कार्रवाई की। 

इनका ये है कहना: पुलिस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है। इसमें दारोगा का कोई दोष नहीं है। छेड़छाड़ के मामले में दोनों पक्षों में आपसी समझौता हुआ था, जिसमें शानू नाम के युवक ने पीडि़ता को 20 हजार रुपये दिलवाए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - शिवप्रताप सिंह, सीओ सिटी 

Edited By: Shaswat Gupta