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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कानपुर देहात में तार-तार इंसानियत, रोता रहा बच्चा और पीटता रहा दारोगा, वीडियो में दिखी हैवानियत

By Abhishek AgnihotriEdited By:
Published: Fri, 10 Dec 2021 09:38 AM (IST)Updated: Fri, 10 Dec 2021 01:05 PM (IST)

कानपुर देहात के जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों के धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठियां चलाई। गोद में बच्चा ...और पढ़ें

गोद में बच्चा लिये युवक को बेरहमी से पीटा।
गोद में बच्चा लिये युवक को बेरहमी से पीटा।

कानपुर देहात, जागरण संवाददाता। जिला अस्पताल में धरना-प्रदर्शन कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों पर पुलिस ने बर्बरता के साथ लाठियां बरसाईं। इसका एक वीडियो वायरल हुआ तो इंसानियत तार-तार हो गई और पुलिस की हैवानियत सामने आ गई। अस्पताल के बाहर इंस्पेक्टर एक युवक पर लाठियां बरसाते रहे और वह गोद में रो रहे बच्चे का हवाला देकर छोड़ने की गुहार लगाता रहा। वीडियो वायरल होने पर पुलिस के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में घटना आई। एडीजी कानपुर जोन भानु भाष्कर ने जिला अस्पताल के बाहर हुए मामले में जांच के आदेश दिए हैं, वहीं एएसपी घनश्याम चौरसिया ने वायरल वीडियो काे संज्ञान लेकर कार्रवाई की बात कही है।

जानिए- क्या है पूरा मामला

दरअसल, जिला अस्पताल परिसर में मेडिकल कालेज भवन निर्माण चल रहा। निर्माण सामग्री लाने वाले डंपर तेजी से आवागमन करते हैं। इससे उड़ने वाली धूल और सड़क के टूटने से पूरे दिन अस्पताल के कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला तो गुरुवार की दोपहर कर्मचारियों का गुस्सा फूट गया। कर्मचारी नेता रजनीश शुक्ला की अगुवाई में ओपीडी को बंद करा डाक्टरों को बाहर कर दिया और गेट पर ताला लगाकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। अस्पताल में ओपीडी बंद होने से मरीज भटकने लगे। स्वास्थ्य अफसरों की जानकारी पर सीओ अकबरपुर अरुण कुमार, एसडीएम वागीश शुक्ला व अकबरपुर थाने का पुलिस बल पहुंचा। सिपाहियों ने कर्मचारी नेता रजनीश शुक्ला को पकडऩे की कोशिश की तो दूसरे कर्मचारी उसे छुड़ाने में जुट गए। इस पर पुलिस ने बल का प्रयोग किया और लाठियां चटकानी शुरू कर दीं।

वायरल वीडियो में दिखी पुलिस की हैवानियत

धरना प्रदर्शन खत्म करने को लेकर कर्मचारियों और पुलिस के बीच भिड़ंत हो गई। पुलिस ने लाठी चार्ज शुरू कर दिया, इस बीच अस्पताल के बाहर बच्चे को गोद में लेकर निकला युवक इंस्पेक्टर के हत्थे चढ़ गया। इंस्पेक्टर ने उसे लाठी से पीटना शुरू कर दिया तो गोद में बच्चा तेजी से रोने लगा। पुलिस की इस बर्बरता का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ तो अफसरों ने मामला संज्ञान में लिया। वायरल वीडियो में इंस्पेक्टर युवक को लाठी से पीट रहे हैं और बच्चा रो रहा है। युवक इंस्पेक्टर से यह कहकर लाठी न मारने की गुहार लगा रहा है कि साहब, गोद में बच्चा है.. साहब गोद में बच्चा है...। लेकिन, इंस्पेक्टर इंसानियत भूल चुके हैं और उसे लाठी से पीटते हुए पूरा गुस्सा निकाल रहे हैं। हालांकि जागरण डॉट काम वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

क्या कहते हैं अफसर

झड़प के दौरान कर्मचारी नेता रजनीश शुक्ला को पीटने के बाद गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि रजनीश शुक्ला ने अकबरपुर थाना प्रभारी विनोद मिश्रा के हाथ के अंगूठे में दांत से काट लिया। इसके बाद बल प्रयोग कर उसे काबू किया गया। उसका बचाव कर रहे एक युवक को भी बल प्रयोग कर पुलिस ने पकडऩे का प्रयास किया, लेकिन गोद में बच्चा देख हड़काकर उसे भगा दिया। एडीजी कानपुर जोन भानु भाष्कर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है, जो व्यक्ति गोद में बच्चे को उठाए है, उसकी पहचान आरोपित कर्मचारी नेता रजनीश के भाई के रूप में हुई है। वह भी पुलिस से अभद्रता कर रहा था।

कर्मचारी नेता पर मुकदमा

कर्मचारी नेता रजनीश शुक्ला पर थाना प्रभारी को दांत से काटने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। दूसरी ओर अस्पताल में निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार ने भी उसके खिलाफ रंगदारी, मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया है। सेवन सीएलए एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है। सीएमएस डा. वंदना सिंह ने बताया कि डीएम को रिपोर्ट भेजी है, कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कर्मचारी नेता रजनीश शुक्ला का कहना है कि सड़क टूटने व अवैध ढंग से मिट्टी बेचने की शिकायत की गई थी। इसी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस से कोई मारपीट नहीं की।

अकबरपुर थाना प्रभारी निलंबित : जिला अस्पताल में बच्ची लिए युवक को लाठी से पीटने के मामले में अकबरपुर थाना प्रभारी विनोद मिश्र को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच एएसपी को सौंपी गई है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।