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    Heart Health Alert: सर्दी में दिल के मामले के लिए खाएं मोटा अनाज,  बीपी, कोलेस्ट्राल व डायबिटीज सब कंट्रोल में

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 07:08 PM (IST)

    हृदय रोग संस्थान के वरिष्ठ प्रो. अवधेश शर्मा के अनुसार, मोटा अनाज हृदय के लिए बहुत लाभदायक है। यह रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करता है। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए तेल और मसालेदार भोजन से दूर रहना चाहिए और स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए।

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    जागरण संवाददाता, कानपुर। ठंड के मौसम रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने से बीपी, डायबिटीज व कोलेस्ट्राल वाले मरीजों में हृदयाघात व दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। असंतुलित दिनचर्या और खान-पान के कारण एंजाइना पेन, चलने में हांफी, दिल की धड़कन तेज होने वाले मामलों में वृद्धि हो रही है। लंबे समय तक इस प्रकार के लक्षणों की अनदेखी से सर्दी में रक्त के थक्के बनने की संभावना को बढ़ा देता है। इसलिए सर्दी में दिल की बीमारी से जुड़े छोटे-छोटे लक्षण पर डाक्टर की सलाह लें। यह बातें दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर में हृदय रोग संस्थान के वरिष्ठ प्रो. डा. अवधेश कुमार शर्मा ने पाठकों से बातचीत के दौरान कही। पेश है बातचीत के मुख्य अंश...।

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    Dr Awadesh

    दैनिक जागरण में हेलो डाक्टर में पाठकों के सवालों का जवाब देते डा.अवधेश शर्मा । जागरण

    उन्होंने कहा, मोटे अनाज का सेवन करे, यह दिल को दुरुस्त रखने में मदद करता है। सर्दी में स्वस्थ दिल के लिए धूमपान व शराब की लत से बचें। पर्याप्त नींद लें और अधिक तेल व मसालेदार खाने का सेवन करें। 

     

    • क्या सर्दी में मोटे अनाज का सेवन करने से दिल सुरक्षित रहता है? - पूजा अग्रवाल, कल्याणपुर।
    • मोटा अनाज फाइबर, प्रोटीन रिच होता है। इसमें मल्टी विटामिन ज्यादा होता है। जो हृदय के लिए लाभदायक होता है। यह बीपी, कोलेस्ट्राल व डायबिटीज स्तर को कम करता है। इसके सेवन से दिल की नसों में सूजन नहीं आती है। जबकि रिफाइंड के सेवन से नसों में सूजन का खतरा बना रहता है। मोटे अनाज का सेवन करने वालों में हृदय की जुड़ी बीमारियों का खतरा कम रहता है।

     

     

     

    • मेरी पत्नी को सीढ़ी चढ़ने पर हांफी आती है। क्या यह हृदय रोग का लक्षण है? - रमन तिवारी, जूही परमपुरवा। एके सिंह, रामकृष्ण नगर।
    • बीपी व डायबिटिज के मरीज हैं और आपको सीढ़ी चढ़ने पर इस प्रकार की समस्या है तो यह हृदय रोग का लक्षण हो सकता है। मोटापा व अन्य बीमारियों के कारण धड़कन का बढ़ना हृदय रोग का संकेत देता है। एक बार हृदय रोग संस्थान में जरूर दिखा लें।

     



    • 78 वर्ष का हूं, भारी काम करने पर सीटी जैसी आवाज आने लगती है? - वेद प्रकाश गुप्ता, बारासिरोही।
    • सर्दी में सीढ़ी जैसी आवाज आना हृदय व फेफड़े की बीमारी का संकेत है। एक बार जांच करा लें। सर्दी में फेफड़ों में सिकुड़न के कारण इस प्रकार की समस्या हो सकती है। इससे घबराए नहीं, हृदय से जुड़ी कोई भी बीमारी है, उसको सही इलाज से स्वस्थ किया जा सकता है।

     

     

     

    • 80 वर्ष का हूं, छह माह पहले पेसमेकर लगा था। अब सांस फूलती है? - कैलाश नाथ, यशोदा नगर। - मंजुला त्रिपाठी, श्याम नगर।
    • चलने-फिरने में सांस फूलना हृदय पर जोर पड़ने का संकेत देता है। एक बार कार्डियोलाजी में ईसीजी व इको जांच कराएं। बीपी व डायबिटिज के मरीजों के हृदय की नसों में बदलाव होने लगता है। नमक का सेवन कम करें। आलू-चावल का सेवन कम करें। संतुलित दिनचर्या व खान-पान से आप दिल को स्वस्थ रख सकते हैं।



    • गुस्सा ज्यादा आता है, कोई तेज आवाज में बात कर लें तो घबराहट होती है? - रमेश सिंह, सनिगवां।
    • गुस्सा अधिक होने पर कंपन्न होना हाई बीपी की बीमारी है। एक बार बीपी की जांच करा लें। बीपी बढ़ने पर नमक का सेवन कम करें। मानसिक तनाव से दूर रहें। पर्याप्त नींद लें। योग व प्राणायाम कर आप स्वस्थ रह सकते हैं।

     


    • दो स्टेंट पड़ चुके हैं। चलने में दर्द व सांस फूल रही है? - अजय पाल, बिंदकी।
    • अगर स्टेंट डालने के बाद से ही इस प्रकार की समस्या है तो कार्डियोलाजी में दिखा लें। हृदय की पंपिंग पर असर पड़ने से ऐसी समस्या होती है। दवा में संशोधन कर इससे बचा जा सकता है। सर्दी में सुबह व शाम निकलने से पहले शरीर को अच्छे से ढक लें।




    • आधे शरीर में फालिश की समस्या है। अब सर्दी अधिक लगती है? - फतेह बहादुर कटियार, बिल्हौर।
    • फालिश के कारण शरीर के आधे शरीर में खून का बहाव कम हो जाता है। इससे बचाव के लिए दवाएं समय पर लें। फिजियोथेरेपी जरूर कराएं। इससे फालिश वाले शरीर में खून का बहाव बढ़ेगा। शरीर को गर्म कपड़े से कवर रखें।




    • सर्दी में हृदय को कैसे सुरक्षित रखें? - तुलसी राम कुशवाहा, यशोदा नगर।
    • अगर बीपी व डायबिटिज के मरीज हैं तो सर्दी की शुरुआत के साथ दवा संशोधित डाक्टर की सलाह पर कराएं। धूमपान व शराब की लत से बचें। अधिक तेल व मसालेदार खाने से बचें। चिकनाई वाली चीजों से दूरी बनाएं। सुबह नहाने की आदत है तो बंद जगह गुनगुने पानी से नहाएं।




    • दिल के वाल्व में सिकुड़न है, सांस फूलने की समस्या बढ़ गई है? - राजाराम, किदवई नगर।
    • कार्डियोलाजी में एक बाद दिखा लें। अगर वाल्व ज्यादा सिकुड़ने होंगे तो सर्जरी की जरूरत होगी। पानी की मात्रा व नमक का सेवन कम करें। एक बार ईसीजी व ईको जांच कराकर ही आपकी सही स्थिति को देखा जा सकता है।


     


    • सीने में खिंचाव महसूस हो रहा है। क्या यह दिल की बीमारी हो सकती है? - बाल प्रसाद, विमान नगर।
    • एक बार ईसीजी व ट्रेडमिल टेस्ट करा लें। इसके बाद हृदय की सभी स्थिति बेहतर तरीके से पता चल जाएगी। हालांकि यह मांसपेशियों के दर्द के कारण हो सकता है। यह मस्कुलर पेन की समस्या लग रही है। हृदय का पेन नहीं है। आप निश्चित रहें और दिनचर्या व खान-पान को व्यवस्थित करें।




    • सर्दी में हृदयाघात क्यों होती है, इससे कैसे बचा जा सकता है? - जय प्रकाश तिवारी, बर्रा एक।
    • सर्दी में बीपी व डायबिटिज के मरीजों में हृदयाघात व स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। हृदय व ब्रेन की धमनियों में सिकुड़ने व रक्त के थक्के बनने से स्ट्रोक व हृदय से जुड़ी बीमारी हो सकती है। नमक की कम मात्रा व संतुलित दिनचर्या कर इससे बचा जा सकता है।



     

    • सीने के दाहिने ओर दर्द की समस्या रहती है? - सुंदर लाल, गोविंद नगर। सनी गोविंद नगर।
    • दर्द की समस्या हमेशा रहती है और चलने-फिरने में यह दर्द बढ़ रहा तो हृदय रोग का लक्षण है। एक बार कार्डियोलाजी में दिखा लें। ईको व टीएमटी जांच कराने के बाद सीटी एंजियोग्राफी कराकर ब्लाकेज को देखा जा सकेगा। इससे आपको बेहतर इलाज मिल सकेगा।

     


    सर्दी में हृदय की बीमारियों के मुख्य लक्षण

    • सांस फूलना, थकान होना।
    • काम करते समय सीने में भारीपन।
    • चक्कर आना व बेहोशी होना।
    • सिर में तेज दर्द, नाक से खून आना।
    • नींद का बदलता समय हृदय रोग का लक्षण।

     


    ऐसे करें दिल की बीमारियों से बचाव

    • धूमपान व शराब के सेवन से बचें।
    • बाजार में बिकने वाले अधिक तेल व मसालेदार खाने से बचें।
    • पर्याप्त नींद व सही दिनचर्या का पालन करें।
    • फाइबर रिच डाइट लें और हरी सब्जियों का सेवन करें।
    • बीपी, डायबिटीज व कोलेस्ट्राल की जांच कराएं।
    • मोटापे को नियंत्रित रखें। यह शरीर में कई बीमारियों का कारण बनता है।
    • खाना व सलाद में अतिरिक्त नमक खाने से बचें।

     


    इन्होंने किए प्रश्न

    आनंद कुमार, किदवई नगर। जय नारायण, उत्तरीपुरा। रितिक, बर्रा विश्व बैंक। वीरेश गुप्ता, विजय नगर। जय शंकर गुप्ता, चौबेपुर। अनिरुद्ध यादव, उत्तरीपुरा। सत्येंद्र राय, मीरपुर छावनी। अलका द्विवेदी, पी रोड। आशीष चतुर्वेदी, कानपुर। अतुल कुमार, सिविल लाइंस। राघवेंद्र मिश्रा, आजाद नगर। आलोक कुमार पांडेय, शुक्लागंज। सोम हांडा, गोविंद नगर।