कानपुर, जेएनएन। थायराइड, पीसीओडी, माहवारी, पेट में दर्द होने की समस्या पर घबराना नहीं चाहिए। इनका पूरी तरह से इलाज है। अल्ट्रासाउंड और हार्माेन समेत अन्य जांच कराएं। संतुलित आहार, व्यायाम, योग की आदत डालें, जिससे समस्या पूरी तरह से ठीक हो जाएगी । यह जानकारी दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर में स्त्री रोग विशेषज्ञ और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष डा. नीलम मिश्रा ने पाठकों की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब में दी। आइए देखते हैं कि उन्होंने कॉलर के सवालों पर जवाब से किस तरह समाधान दिया...।

ø प्रेग्नेंसी की प्लानिंग कर रहे हैं। क्या वैक्सीनेशन करा सकते हैं ? (नेहा दुबे, लाजपत नगर)

- कोरोना का टीका पहले लगवा लीजिए, फिर प्रेग्नेंसी की प्लानिंग कर सकती हैं। तब तक फोलिक एसिड की टेबलेट खाती रहें।

ø पत्नी को थायराइड की समस्या है। आठवां महीना चल रहा है। क्या एहतियात ले सकते हैं? (देवेंद्र कुमार, लालबंगला)

- थायराइड की गोली खाते रहें। नार्मल रिपोर्ट आने के बाद भी दवा जारी रखें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।

ø बेटी को माहवारी की समस्या है। कोई घबराने वाली बात तो नहीं है? (स्वाति, रावतपुर)

- खाली पेट अल्ट्रासाउंड कराकर देख लें। कई बार किशोरियों को इस तरह की दिक्कत हो जाती है। इसमें घबराने की बात नहीं है।

ø 35 साल की उम्र है। दो बच्चे हैं। पीसीओडी की समस्या है, वजन बढ़ रहा है। (ज्योति, नौबस्ता)

- अल्ट्रासाउंड कराना जरूरी है। डाक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें। महीना बढ़ कर आ रहा है और पीसीओडी की समस्या है तो हार्माेन टेस्ट करा लें।

ø तीन बच्चे हैं। अगले बच्चे की प्लाङ्क्षनग कर रहे हैं, लेकिन समस्या आ रही है। (बीना, पहाड़पुर)

- अल्ट्रासाउंड, हार्माेन, थायराइड समेत अन्य जांचें करानी होंगी। रिपोर्ट के मुताबिक इलाज होगा।

ø थायराइड की समस्या है। महीना सही नहीं आ रहा है। हाथ पैर में दर्द रहता है। (वीनू, कोयला नगर)

- थायराइड होने पर हाथ पैर में दर्द होता है। खाली पेट थायराइड की जांच करा लें।

ø बेटी की पीसीओडी की दिक्कत है। वजन बढ़ता जा रहा है। (साधना गुप्ता, शास्त्री नगर)

- वजन कम करने के लिए व्यायाम, योग, संतुलित आहार, दिनचर्या को सही करना होगा। रोजाना आधे घंटे तक सैर करें।

ø पीरियड कम होने लगे हैं। क्या यह रजोनिवृत्ति के लक्षण हैं ? (साधना गुप्ता शास्त्री नगर, नीतू गुप्ता नौघड़ा)

- स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलें। जिन महिलाओं को जल्दी माहवारी रुक जाती है, उनके बच्चों को भी ये समस्या आती है। बच्चेदानी की जांच कराएं।

ø भाभी के पेट में तेज दर्द रहता है। क्या किया जा सकता है? (विजयकांता, लालबंगला)

- सीटी स्कैन कराएं। स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलकर उन्हें रिपोर्ट दिखाएं।

ø बहुत ज्यादा माहवारी हो रही है। यह किसी समस्या की निशानी तो नहीं है ? (सुखरानी, फतेहपुर)

- माहवारी ज्यादा होने पर बच्चेदानी की जांच करानी पड़ती है। इससे दिक्कत का सही पता लग सकता है।

ø 35 वर्ष से अधिक आयु में प्रसव होने पर बच्चों के असामान्य होने की समस्या क्या अधिक रहती है ? (छाया गुप्ता, स्वरूप नगर)

- 35 साल से अधिक आयु में प्रसव होने पर बच्चों के असामान्य होने की समस्या थोड़ी अधिक होती है। महिलाओं में मधुमेह और वजन बढऩे लगता है।

ø पेशाब का संक्रमण बार बार हो जाता है। क्या किया जाए ? (शीतल गुप्ता, बर्रा आठ)

- पेशाब का संक्रमण शुगर लेवल से संबंधित रहता है। शुगर को नियंत्रण रहना जरूरी है। एक बार अल्ट्रासाउंड और वैजाइनल चेकअप करा लें।

ø थोड़ा सा खाना खाते हैं, लेकिन पेट का आकार बढ़ता जा रहा है। (दीपा, कल्याणपुर)

- खाली पेट अल्ट्रासाउंड कराएं। सुबह और शाम को सैर करें। रात आठ बजे से पहले खाना खाया करें।

ø पत्नी के पैरों में सूजन है। चलना फिरना मुश्किल हो गया है ? (सुरेश, शिवराजपुर)

- हाई प्रोटीन की डाइट देते रहें। उच्च रक्तचाप में नमक का सेवन कम करें। खीरा, ककड़ी, लौकी, परवल खाएं।

ø दो बच्चे हो चुके हैं, परिवार नियोजन के लिए क्या सही तरीका रहेगा ? (दिनेश तिवारी, लाजपत नगर)

- पत्नी अगर बच्चे को दूध पिलाती हैं तो तीन महीने वाला इंजेक्शन लगवा सकते हैं। गर्भनिरोधक गोली खिलाने से महिलाओं में दूध बनना कम हो जाता है।

ø थायराइड और पीसीओडी की दिक्कत है। कोरोना की वैक्सीन लगवाना सही रहेगा ? (शिल्पी, गोङ्क्षवद नगर)

- थायराइड और पीसीओडी की हर छह महीने में जांच कराते रहें। कोरोना की वैक्सीन लगवा लें। यह पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी।

Edited By: Abhishek Agnihotri