कानपुर, जेएनएन। जहां एक ओर सरकार और प्रशासन महिला सुरक्षा को लेकर दृढ़संकल्पित हैं तो वहीं जिले में छेड़छाड़  और दुष्कर्म जैसी घटनाओं का ग्राफ एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। दरअसल, इस बार छात्रा से छेड़छाड़ और अश्लील बातें करने का आरोप लगा है एचबीटीआइ के असिस्टेंट प्रोफेसर पर। छात्रा ने पुलिस आयुक्त असीम अरुण को दिए प्रार्थना पत्र में प्रोफेसर पर छेड़छाड़ के अलावा और भी कई संगीन आरोप लगाए हैं। हालांकि इस घटना के बाद शहर के प्रतिष्ठित एचबीटीआइ कालेज पर स्टूडेंट्स कई तरह के सवाल उठा रहे हैं। मामले को लेकर थाना प्रभारी ने भी अपना पक्ष प्रस्तुत किया है। 

यह है पूरा मामला: एचबीटीआइ कालेज की एमबीए प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए पुलिस आयुक्त के आदेश पर नवाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। छात्रा ने दी गई तहरीर में लिखा है कि कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर आनलाइन पढ़ाई के बहाने फोन किया करते थे। इसके बाद वे कई तरह की अश्लील और अशोभनीय बातें करते थे। काॅल रिकार्ड न हो इसके लिए वे वाट्सएप कॉल करते थे। प्रोफेसर की इन सब हरकतों के कारण छात्रा मानिसक तनाव की समस्या से ग्रस्त हो गई, इसके चलते एक दिन उसका एक्सीडेंट हो गया। इस घटना के बाद उसने मामले की सच्चाई से स्वजन व सहपाठियों को अवगत कराया। 

प्रोफेसर ने पार कर दी थीं हदें: पीड़ित छात्रा ने बताया कि कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर कंवर्सेशन के दौरान सारी हदें पार कर देते थे। वे शारीरिक संबंध बनाने की बात भी करने लगते थे। इसके उन्हाेंने व्यक्तिगत रूप से मिलने के बाद उन्होंने प्रपोज कर 14 फरवरी को 'I Love You' बोलने का भी दबाव बनाया था। 

कालेज प्रबंधन ने नहीं लिया मामले का संज्ञान: पीड़ित छात्रा के मुताबिक उसने असिस्टेंट प्रोफेसर की शिकायत कई बार कालेज प्रबंधन से की। प्राचार्य और कुलपति को भी ई-मेल भेजे, लेकिन किसी ने भी कोई कार्रवाई नहीं। इसके बाद परेशान होकर वह पुलिस आयुक्त की शरण में पहुंची। तब मामले की रिपोर्ट लिखी गई। वहीं, थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच की जा रही है। 

Edited By: Shaswat Gupta