जागरण संवाददाता, कानपुर : कड़ाके की ठंड में न्यूरोलॉजिकल समस्याएं बढ़ गई हैं। खासकर ब्रेन स्ट्रोक, ब्रेन हेमरेज और नसों से जुड़ी समस्याओं के मरीज हैलट अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में आ रहे हैं। मरीजों के दबाव के बाद भी विभागाध्यक्ष ने शीतकालीन अवकाश की वजह से 15 दिन के लिए न्यूरोलॉजी ओपीडी बंद करने जा रहे हैं। ऊपर से तर्क है कि मेडिसिन विभाग से वैकल्पिक इंतजाम न होने से स्थगित कर रहे हैं।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग में डॉ. आलोक वर्मा एक मात्र शिक्षक हैं, जो विभागाध्यक्ष भी हैं। उनके अलावा न्यूरोलॉजी में मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव संबद्ध हैं। दोनों मिलकर चार दिन मंगलवार, बुधवार, गुरुवार एवं शुक्रवार को हैलट में न्यूरोलॉजी ओपीडी चलाते हैं। दो सत्र में 15-15 दिन का शीतकालीन अवकाश स्वीकृत है। दूसरे सत्र 1-15 जनवरी 2020 तक विभागाध्यक्ष का अवकाश स्वीकृत हुआ है। इसी सत्र में विभाग से संबद्ध डॉ. गौरव गुप्ता भी अवकाश पर रहेंगे। ऐसे में न्यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी 15 दिन बंद रहेगी। डॉ. आलोक वर्मा ने प्राचार्य प्रो. आरती लालचंदानी एवं हैलट के प्रमुख अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि 1-15 जनवरी तक अवकाश पर रहेंगे। मेडिसिन विभाग से वैकल्पिक इंतजाम न होने से 3, 7, 10 और 14 जनवरी 2020 को उनकी ओपीडी स्थगित रहेगी।

इस दिन नहीं देखे जाएंगे मरीज

1 जनवरी, 2 जनवरी, 3 जनवरी, 7 जनवरी, 8 जनवरी, 9 जनवरी, 10 जनवरी, 14 जनवरी एवं 15 जनवरी 2020।

मेडिसिन की चार ओपीडी चलती हैं। फैकल्टी की कमी है। न्यूरोलॉजी विभाग को पहले से एक शिक्षक दे रखा है। मरीजों के दबाव बढ़ने पर मैंने अपना अवकाश निरस्त कर दिया है।

- प्रो. रिचा गिरी, विभागाध्यक्ष, मेडिसिन, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज।

Posted By: Jagran

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