इटावा, जागरण संवाददाता। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने ज्ञानवापी के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिवलिंग व फव्वारा निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। शिवलिंग हमारे लिए पूज्यनीय है। फव्वारा अलग विषय है। फव्वारे में बीच में छेद होता है शिवलिंग में छेद नहीं होता है। यह गंभीर विषय है आस्था का विषय है। मामला अदालत में है हम अदालत के फैसले का इंतजार करेंगे। उसका सम्मान करेंगे। वे लखनऊ से दिल्ली जाते समय कुछ देर के लिए सैफई रुके थे और पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

यह पूछे जाने पर बसपा प्रमुख मायावती कह रहीं हैं कि यह धार्मिक भावनाएं भड़काने का षड्यंत्र है इस पर उन्होंने कहा कि मायावती व सपा प्रमुख अखिलेश यादव का दौर खत्म हो चुका है। भाजपा से क्षेत्रीय पार्टी लड़ाई नहीं लड़ सकती। अब देश के अंदर दो ही विचार धारा बची हैं। एक विचारधारा है गोडसे की और दूसरी विचारधारा है महात्मा गांधी की। असुद्दीन औवेसी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कभी-कभी उनमें बाबर और तैमूरलंग की आत्मा आ जाती है। वे अपने आप को हिंदुस्तान से जोड़ें उन्हें भारत की संस्कृति, कानून का सम्मान करना चाहिए। वे सब पर सवालिया निशान लगा देते हैं।

हिंदुस्तान का मुसलमान हिंदुस्तान से जुड़ा हुआ है। उसका आइडियल बाबर व चंगेजखान नहीं है। भाजपा को यह पसंद आता है। उन्होंने ताजमहल व कुतुब मीनार पर कहा कि उस पर केंद्र सरकार का नियंत्रण हैं तो फिर वह इन्हें हिंदुओं को सौंप दें।

Edited By: Abhishek Verma