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नौ चिकित्सा शिक्षकों के तबादले से खतरे में जीएसवीएम की मान्यता

एमसीआइ के 2017 में किए निरीक्षण में फैकल्टी की कमी को छह माह के अंदर पूरा करने का दिया था निर्देश, अब और हो गई कम

By JagranEdited By: Published: Fri, 21 Sep 2018 03:44 PM (IST)Updated: Fri, 21 Sep 2018 03:44 PM (IST)
नौ चिकित्सा शिक्षकों के तबादले से खतरे में जीएसवीएम की मान्यता
नौ चिकित्सा शिक्षकों के तबादले से खतरे में जीएसवीएम की मान्यता

जागरण संवाददाता, कानपुर : नए मेडिकल कालेजों की मान्यता बचाने की फिक्र में शासन ने सूबे के पुराने मेडिकल कालेज गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (जीएसवीएम) की मान्यता खतरे में डाल दी है। राजकीय मेडिकल कालेज बांदा, जालौन, आजमगढ़ एवं सहारनपुर की फिक्र में जिम्मेदार जीएसवीएम की उपेक्षा कर रहे हैं। फैकल्टी की कमी से जूझते जीएसवीएम को 'इलाज' की जगह नौ शिक्षकों का स्थानांतरण कर और 'घाव' दे दिए गए। अगर इस समय मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआइ) का निरीक्षण कर बैठे तो मान्यता जाना तय है।

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एमसीआइ ने सितंबर 2017 में जीएसवीएम मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया था। उस समय महज 56 फीसद फैकल्टी ही मिली थी। 44 फीसद फैकल्टी की कमी को छह माह के अंदर पूरा करने का निर्देश दिया गया था। शासन की तरफ से जीएसवीएम के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने फैकल्टी पूरा करने का लिखित भरोसा दिया था। पूरी फैकल्टी की व्यवस्था आज तक नहीं हो सकी। उलटा शासन ने बुधवार को जीएसवीएम से तीन प्रोफेसर और छह एसोसिएट प्रोफेसर का स्थानांतरण कर दिया। इससे यहां फैकल्टी का संकट खड़ा हो गया है।

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शून्य हो सकता है एमबीबीएस सत्र

जीएसवीएम मेडिकल कालेज में एमसीआइ का दूसरा निरीक्षण प्रस्तावित है जो कभी भी हो सकता है। अभी निरीक्षण हो जाए तो कालेज की 190 एमबीबीएस सीटें घटने से लेकर सत्र शून्य तक हो सकता है।

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महत्वपूर्ण विभागों में प्रोफेसर नहीं

जीएसवीएम के महत्वपूर्ण विभागों में प्रोफेसर तक नहीं हैं। इनमें फिजियोलॉजी विभाग, रेडियोलॉजी, ईएनटी, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, फारेंसिक मेडिसिन, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी एवं ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग हैं।

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आठ साल बाद भी वापसी नहीं

वर्ष 2011 में जीएसवीएम समेत पुराने मेडिकल कालेजों से शिक्षकों के स्थानांतरण हुए थे। इन शिक्षकों से शासन ने कहा था कि पांच साल नए मेडिकल कालेज चला दें, फिर पुराने कालेज में वापस कर दिया जाएगा। आठ साल बाद भी उनकी वापसी नहीं हुई है।

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स्थानांतरित शिक्षक ज्वाइन न करने का बना रहे मन

प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों से 60 मेडिकल शिक्षकों के स्थानांतरण हुए हैं। इनमें जीएसवीएम से नौ शिक्षक हैं। सभी शिक्षक ज्वाइन नहीं करने का मन बना रहे हैं।

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जीएसवीएम की स्थिति

190 एमबीबीएस की सीटें

265 स्वीकृत फैकल्टी

140 स्थाई शिक्षक तैनात

020 संविदा पर हैं तैनात

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करना सरकार की प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए नए कालेजों में फैकल्टी का स्थानांतरण किया गया है। इससे कालेज में फैकल्टी की और कमी हो गई है। इससे शासन को अवगत कराया है।

-डॉ. नवनीत कुमार, प्राचार्य जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज।


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