कानपुर, जेएनएन। ग्रीनपार्क स्टेडियम की खूबसूरती के साथ यहां के ऐतिहासिक मैनुअल स्कोर बोर्ड की तारीफ देश ही नहीं विदेश तक के दिग्गज क्रिकेटर कर चुके हैं। कंप्यूटर की तरह काम करने वाले भारत के सबसे बड़े स्कोर बोर्ड में शुमार इस मैनुअल स्कोर बोर्ड का भारत और न्यूजीलैंड के बीच ग्रीनपार्क में होने वाले टेस्ट मैच की स्कोङ्क्षरग में उपयोग किया जा सकता है। एसोसिएशन के पदाधिकारी उसे दुरुस्त करने में जुट गए हैं।

ग्रीनपार्क में मैनुअल स्कोर बोर्ड की स्थापना वर्ष 1952 में टेस्ट मैच के दौरान हुई थी। तब से वर्ष 2016-17 तक हुए सभी टेस्ट और एकदिवसीय मुकाबलों में उप्र क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा मैनुअल स्कोर बोर्ड का उपयोग किया जाता रहा है। पहली बार 1957 में वेस्टइंडीज के साथ खेले गए मैच में स्कोर बोर्ड ने क्रिकेट प्रेमियों के साथ देश-विदेश के खिलाडिय़ों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था। अंतिम बार 2017 में इंग्लैंड के साथ खेले गए टी-20 मुकाबले में इसका उपयोग किया गया था।

कंप्यूटर की तरह करता काम : मैनुअल स्कोर बोर्ड उस दौर में भी कंप्यूटर की तरह काम करता था। इसे संचालित करने में 135 पुली पर 35 लोग लगते थे। इसमें जिस खिलाड़ी के पास गेंद जाती थी, स्कोर बोर्ड में उसके नाम के आगे लाल रंग का बल्ब जल जाता था। पदाधिकारियों के मुताबिक मैनुअल स्कोर बोर्ड ग्रीनपार्क की शान हर मुकाबले में बना है।

38 मुकाबलों में बढ़ाई शोभा : मैनुअल स्कोर बोर्ड 21 टेस्ट और 14 एकदिवसीय मैचों के साथ आइपीएल व टी-20 मैच में उपयोग किया जा चुका है। 38 मुकाबलों का गवाह रह चुका यह स्कोर बोर्ड फिर से ग्रीनपार्क में क्रिकेट प्रेमियों के लिए लगाया जा सकता है।

Edited By: Abhishek Agnihotri