कानपुर, जेएनएन Govindpuri Station News: सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेनों का लोड क्षमता से डेढ़ गुना अधिक है। ऐसे में यहां ट्रेनों का लोड कम करने के लिए गोविंदपुरी को टर्मिनल बनाने की तैयारी हो रही है। हालांकि इस पर काम काफी पहले से चल रहा है, पर अब तैयारियां तेज हो गई हैं। गोविंदपुरी स्टेशन के टर्मिनल बनने के बाद राजधानी समेत कई ट्रेनों को यहां से होकर चलाया जाएगा। इसका फायदा दक्षिण क्षेत्र की करीब 20 लाख की आबादी को मिलेगा। इसके लिए रेलवे बोर्ड की अनुमति मिलने का इंतजार है।

गोविंदपुरी में बढ़ेंगी ये सुविधाएं

  • गोविंदपुरी स्टेशन पर दो प्लेटफार्म बढ़ाए गए हैं जबकि दो प्लेटफार्म और बनाने का काम चल रहा है।
  • ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी तो यहां पीने के पानी की जरूरत अधिक होगी। इसे देखते हुए ओवरहेड टंकी बनाई जा रही है।
  • अभी यहां डेढ़ दर्जन ट्रेनों को ठहराव दिया जाता है, ऐसे में यात्री सुविधाएं भी उसी अनुरूप हैं। टायलेट, बैठने का स्थान, प्लेटफार्म पर शेड जैसी जरूरतें पूरी करने पर काम शुरू होना है।
  • गोविंदपुरी स्टेशन पर यात्री प्रतीक्षालय बनाया जाएगा। यात्रियों के खानपान के लिए फूड प्लाजा और स्टाल बनाए जाएंगे।
  • रेलवे अधिकारियों के मुताबिक टर्मिनल बनने के साथ ही वाशिंग लाइन की जरूरत होगी, जिसका प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
  • चूंकि यहां से लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों को ठहराव दिया जाएगा, ऐसे में पानी की व्यवस्था के लिए लाइन डाली जा रही है।

दिल्ली हावड़ा की आधी ट्रेनें होंगी संचालित : दिल्ली हावड़ा रूट पर डेढ़ सौ से ज्यादा ट्रेनें चल रही हैं। ऐसे में कुछ ट्रेनें ऐसी हैं, जिनमें सेंट्रल से यात्री लोड न के बराबर है। ऐसे में इन ट्रेनों को गोविंदपुरी टर्मिनल से होकर गुजारा जाएगा।

सेंट्रल स्टेशन पर सामान्य दिनों में लोड

  • 416 ट्रेनों का सेंट्रल से होता था संचालन
  • 170 ट्रेनें दिल्ली हावड़ा रूट पर चलाई जाती हैं
  • 60 से अधिक मालगाडिय़ों का होता है संचालन

इनका ये है कहना

  • यह सही है कि सेंट्रल स्टेशन पर लोड अधिक है। इस लोड को गोविंदपुरी स्टेशन पर स्थानांतरित करने के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, हालांकि अभी इसे टर्मिनल घोषित नहीं किया गया है। - अमित कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे

 

Edited By: Akash Dwivedi