कानपुर, जागरण संवाददाता। सड़कों के मरम्मत और पैचवर्क का कार्य 30 नवंबर तक होना है। पहले यह कार्य 15 नवंबर तक हो जाना था। बाद में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस कार्य की तिथि बढ़ा दी थी और गुणवत्ता युक्त कार्य करने के आदेश दिए थे। कार्यों में कहीं लापरवाही तो नहीं हो रही है इसकी जांच के लिए शासन की टीम आई थी। अब तक कितनी सड़कों का पैचवर्क और मरम्मत का कार्य हो चुका है इसका विभागवार विवरण शासन ने मांगा है। इस रिपोर्ट के बाद शासन की टीम फिर आएगी और जांच करेगी। यह भी देखेगी कि पूर्व में निरीक्षण के दौरान जो सुझाव दिए गए थे उन पर अमल हुआ या नहीं।

पीडब्ल्यूडी, जिला पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, मंडी परिषद, केडीए अपनी- अपनी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए पैचवर्क कर रहे हैं। मरम्मत का कार्य भी उन्हें ही करना है। इसी तरह औद्योगिक क्षेत्रों में उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान चलाया जा रहा है। शासन ने पीडब्ल्यूडी द्वारा पैचवर्क और मरम्मत की जांच के लिए कानपुर में आगरा के मुख्य अभियंता समेत अलग- अलग जिलों में दूसरे - दूसरे जिलों के अधिकारियों को भेजा था। टीम ने गड्ढा मुक्ति को लेकर अपने सुझाव भी दिए थे। अब सुझाव पर कितना अमल हुआ इसकी जांच होगी। लक्ष्य के अनुरूप सड़कें बन गई हैं या फिर कागज पर ही गड्ढे तो नहीं भर दिए गए यह भी जांचा जाएगा। वैसे पैचवर्क का कार्य बहुत ही धीमा है। चाहे आवास विकास परिषद की सड़कें हों या फिर पीडब्ल्यूडी की बहुत ही धीमी गति से कार्य हो रहा है। 

Edited By: Abhishek Agnihotri