कानपुर, जेएनएन। जिले के दिव्यांगों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें दिव्यांगजन प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अब रामादेवी स्थित कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर परिसर स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। जिलाधिकारी ने दिव्यांगों की सुविधा के लिए उर्सला अस्पताल में भी प्रमाणपत्र बनाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।

सीएमओ कार्यालय का मुख्य भाग उर्सला अस्पताल परिसर से तत्कालीन सीएमओ डा. रामायण प्रसाद यादव के कार्यकाल तक संचालित होता था। कुछ हिस्सा भी रामादेवी में था। वर्ष 2017 में उनका स्थानांतरण के बाद लखनऊ से नए सीएमओ डा. अशोक शुक्ला यहां आए। उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद पूरा सीएमओ कार्यालय उठाकर रामादेवी स्थित कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर लेकर चले गए। इस वजह से जिले भर से दिव्यांगजन प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दिव्यांजनों को परेशानी होने लगी। वहीं, शहर के मध्य क्षेत्र और कलेक्ट्रेट के नजदीक सीएमओ कार्यालय होने से आमजन से लेकर अधिकारी एवं कर्मचारियों को भी सहूलियत होती थी।

कार्यालय रामा देवी जाने से दिक्कत: रामादेवी स्थित कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय परिसर में सीएमओ कार्यालय जानेे से सबसे अधिक समस्या जिले के दिव्यांगजनों को होने लगी। इस समस्या से कई बार जिले के आला अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस बार फिर से जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर को समस्या से अवगत कराया गया। उन्होंने सीएमओ डा. नैपाल सिंह से कहा कि कांशीराम अस्पताल में दिव्यांगजनों का सर्टिफिकेट बनाया जा रहा है। उर्सला अस्पताल में भी दिव्यांगजनों का सर्टिफिकेट बनाया जाए। इसके लिए उन्होंने दिव्यांगजन अधिकारी को सीएमओ से संपर्क कर उर्सला अस्पताल में दिव्यांगजन सर्टिफिकेट बनवाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। जिससे दिव्यांगों को सुविधा मिल सके।

Edited By: Abhishek Agnihotri