कानपुर, जागरण संवाददाता। शहर के चर्चित बिकरू कांड के मुख्य आरोपित गैंगस्टर विकास दुबे द्वारा जरायम के दम पर अर्जित की गई संपत्तियों के जब्तीकरण की कार्रवाई चल रही है। उसने अपराध दम से 50 करोड़ की संपत्ति बनाई थीं। बुधवार को प्रशासन ने कानपुर में विकास दुबे की तीन और संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाही शुरू की। जिसमें उसके दो प्लाट सीज किए गए। जबकि शास्त्रीनगर के मकान में किरायेदार व होजरी फैक्ट्री चलते मिली। जिसे खाली करने के लिए दो दिन की मोहलत दी गई है।  

बिकरू कांड के बाद एनकाउंटर में मारे जा चुके गैंगस्टर विकास दुबे की संपत्तियों पर पुलिस और प्रशासन ने धारा 14(1) के अंतर्गत जब्तीकरण की कार्रवाई शुरू की है। कल्याणपुर के मिजार्पुर स्थित गाटा संख्या 35 में 1742 और 1266 वर्ग मीटर के दो खाली प्लाट विकास दुबे के नाम थे, जिनका चिन्हाकंन करने के बाद दोनो प्लाटों को जब्त किया गया। वहीं शास्त्री नगर के हरिहरनाथ कालोनी स्थित क्वार्टर में किराएदार और मतैयापुरवा स्थित 122/400  मकान में चुन्नी लाल नाम का व्यक्ति किराए पर होजरी फैक्ट्री चलाता मिला। यह प्लाट विकास दुबे ने पत्नी रिचा दुबे के नाम 16 वर्ष पहले खरीदा था। यहां फैक्ट्री संचालक ने कहा कि रिचा दुबे ने वर्ष 2012 में यह प्लाट उसे बिक्री कर दिया था। तहसीलदार सदर रितेश कुमार सिंह,  बिल्हौर लक्ष्मीकांत बाजपेई ने बताया कि खाली मिले दोनों प्लाट सीज किए गए है, वही शास्त्रीनगर के प्लाट पर फैक्ट्री चला रहे संचालक को कब्जा खाली करने के लिए दो दिन का समय दिया गया है।

12 संपत्तियां जब्त,लखनऊ और कानपुर देहात बाकी  

एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे की सभी 50 करोड़ की 18 संपत्तियां जब्त करने के डीएम ने आदेश दिए गए हैं। जिसमें बिकरू,चौबेपुर कलां,पक्कखन,रामपुर सखरेज,सकरवां व मालौ व कानपुर सहित 12 संपत्तियों को जब्त किया जा चुका है। तहसीलदार ने बताया कि गैंगस्टर विकास दुबे की लखनऊ स्थित कृष्णानगर के इंद्रलोक कालोनी का प्लाट और कानपुर देहात के शिवली में मकान व ढाकन गांव में कृषि भूमि के जब्तीकरण किया जाना है।

Edited By: Abhishek Verma