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कानपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ा, मकड़ीखेड़ा समेत 25 मोहल्लों में जलभराव; जनजीवन प्रभावित

Published: Fri, 11 Sep 2026 01:43 PM (IST)

कानपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से मकड़ीखेड़ा समेत 25 मोहल्लों में 12 दिनों से जलभराव है, जिससे गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ गई है।

मकड़ीखेड़ा समेत 25 मोहल्लों में जलभराव।

मकड़ीखेड़ा समेत 25 मोहल्लों में जलभराव।

HighLights

  1. मकड़ीखेड़ा समेत 25 मोहल्लों में 12 दिन से जलभराव।

  2. गंदगी और मच्छरों से लोगों को भारी परेशानी हो रही है।

  3. गंगा बैराज और शुक्लागंज में जलस्तर चेतावनी बिंदु पार।

जागरण संवाददाता, कानपुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही मकड़ीखेड़ा और 25 मोहल्लों में 12 दिन से जलभराव है। इसके चलते फैली गंदगी और मच्छर अब लोगों के लिए मुसीबत बन गए है।

परमियापुरवा नाला पहले ही सिंचाई विभाग ने गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण बंद कर दिया है। इसके चलते अटल घाट के पीछे खाली मैदान में पानी भर रहा है। सिंहपुर-मैनावती मार्ग में पानी भरने के कारण बच्चों को स्कूल जाने के लिए जूझना पड़ रहा है।

मकड़ीखेड़ा, मैनावती से सिंहपुर, नवाबगंज, आजाद नगर, गुप्ता कालोनी, ख्योरा समेत 25 बस्तियों में रहने वाले एक लाख लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। नगर निगम लगातार पंप चला रहा है, लेकिन परिमयापुरवा नाला का गेट बंद होने के कारण दिक्कत आ रही है।

अटल घाट के आसपास खाली जगह पर पानी डाला जा रहा है ताकि बस्ती से निकल जाए। क्षेत्र के आरके बाजपेई ने बताया कि मच्छरों का भी आतंक बढ़ गया है। राधा सिंह ने कहा कि सफाई नहीं होने से गंदगी एकत्र है और बदबू के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने बताया कि पंप चलाए जा रहे हैं, नाले का गेट बंद होने से दिक्कत हो रही है।

शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार, घाटों तक आया पानी

गंगा का जलस्तर शुक्लागंज में गुरुवार को चेतावनी बिंदु पार कर 113.03 मीटर पहुंच गया है। शुक्लागंज में बुधवार को जलस्तर चेतावनी बिंदु 113 मीटर का आंकड़ा छू गया था। इसके चलते शुक्लागंज से लगे गांवों में पानी भरने लगा है।

वहीं गंगा बैराज में जलस्तर चेतावनी बिंदु 114 मीटर से ऊपर 114.31 मीटर पहुंच गया है। बिठूर की तरफ ब्रम्हावर्त घाट, लक्ष्मण घाट, पत्थर घाट, सीता घाट समेत सभी घाटों की सीढ़ियां लगभग डूब चुकी हैं। कटरी में भी पानी भर गया है। किसानों की ज्यादातर फसलें डूब चुकी हैं।

वहीं, अटल घाट, परमट, भैरोघाट सरसैया घाट समेत कई अन्य घाटों में ऊपर तक पानी आ गया है। बैरिकेड्स लगाकर घाट की तरफ जाने से रोक लगाई गई है। वहीं, सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन लगातार गंगा के किनारे लगे गांवों में नजर रखी जा रही है।

 

गंगा के जलस्तर की यह है स्थिति

अप स्ट्रीम (बिठूर से बैराज की तरफ)
डाउन स्ट्रीम (बैराज से कानपुर की तरफ)
जलस्तर
114.60
114.27
चेतावनी बिंदु
114
113
खतरनाक बिंदु
115
114
(आंकड़े मीटर में)

यहां से इतना पानी छोड़ा गया

नरौरा बांध
1,11,969
गंगा बैराज
4,44,005
(आंकड़े क्यूसेक में)