कानपुर, जेएनएन। बिधनू में ऑटो चालक के दोनों हत्यारोपितों को पुलिस ने शनिवार देर रात गिरफ्तार किया। घटना में प्रयुक्त तमंचे की बरामदगी के दौरान एक हत्यारोपित ने पुलिस पर फायर कर दिया, जिसमें एक दारोगा बाल-बाल बच गए। पुलिस की जवाबी फायरिंग में भाग रहे एक हत्यारोपित के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे एलएलआर अस्पताल (हैलट) में भर्ती कराया है।

पुराने लेनदेन को लेकर हुआ था विवाद

बिधनू  के बनपुरवा गांव निवासी 22 वर्षीय ऑटो चालक बृजेश की शुक्रवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भाई की तहरीर पर पुलिस गांव के दो साथियों अनिल व गोरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश में जुटी हुई थी। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर हत्यारोपितों गोविंद उर्फ गोरे और अनिल को शाहपुर मोड़ के पास जंगल से शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि बृजेश को वह शराब के नशे में पांडु नदी पुल के पास जीएमआर परिसर में लगे सबमर्सिबल की चोरी करने के लिए ले गए थे। गोरे व बृजेश के अलग अलग कारतूस भरा तमंचा था। बृजेश ने सबमर्सिबल चोरी के दौरान अपना तमंचा गोरे को दे दिया। इसी बीच पुराने लेनदेन की बात पर विवाद होने लगा, बात इतनी बढ़ी कि गोरे ने बृजेश के तमंचे से ही उसे गोली मार दी। इसके बाद शव करीब 70 मीटर दूर झाडिय़ों में फेंक दिया और दोनों तमंचे मंझावन गांव के आगे टीकर मघई मोड़ के पास झाडिय़ों में छिपा दिए।

पुलिस पर झोंका फायर, बाल-बाल बच गए दारोगा

पुलिस रविवार तड़के दोनों हत्यारोपियों को लेकर तमंचे बरामद कराने पहुंची, जहां गोरे से पुलिस ने तमंचे निकालकर लाने को बोला। गोरे ने बृजेश का खाली तमंचा पहले पुलिस को पकड़ा दिया। इसके बाद कारतूस भरे तमंचे को निकालने के दौरान पुलिस पर फायर झोंक दिया, जिससे चौकी इंचार्ज मंझवान सुभाष यादव बाल-बाल बच गए। फायर करके भाग रहे गोरे पर पुलिस ने जवाबी फायरिंग की तो उसके पैर में गोली लगने से वह गिर पड़ा। पुलिस ने गोरे को एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया है।  

Posted By: Abhishek

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