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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कानपुर में मिले नरमुंड के मामले में गिरफ्तार हुई महिला, पुलिस बोली- जल्द होगा राजफाश

By Abhishek AgnihotriEdited By:
Published: Mon, 07 Dec 2020 01:58 PM (IST)Updated: Mon, 07 Dec 2020 10:27 PM (IST)

पनकी में कांशीराम कॉलोनी में पांच नरमुंड में एक कुत्ता उठा ले गया। चार नरमुंड पुलिस ने बरामद करके जांच ...और पढ़ें

पनकी में नरमुंड मिलने पर लोगों की भीड़ लग गई।
पनकी में नरमुंड मिलने पर लोगों की भीड़ लग गई।

कानपुर, जेएनएन। पनकी के कांशीराम कॉलोनी में सोमवार सुबह उस वक्त हलचल बढ़ गई, जब लोगों ने एक खाली प्लाट में पांच नरमुंड पड़े देखे। सिंदूर, काजल और आलता से रंगे-पुते सभी नरमुंड पुराने हैं। आशंका थी कि इनका इस्तेमाल तंत्र-मंत्र साधना के लिए किया गया होगा। बाद में इन्हें यहां फेंक दिया गया। पुलिस ने चार नरमुंड कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस के आने से पहले एक नरमुंड कुत्ता लेकर भाग गया, जिसका पता नहीं चल सका।

कांशीराम आवास योजना की कॉलोनी के ठीक सामने खाली प्लाट में सोमवार सुबह करीब आठ बजे एक स्थानीय महिला सुनीता ने सड़क किनारे नाली के उस पार प्लाट में नरमुंड पड़े देखे। चार नरमुंड प्लाट में थे, जबकि एक सूखी नाली में पड़ा था। मौके पर भीड़ लग गई। पुलिस को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मौका पाकर नाली में पड़ा नरमुंड लेकर एक कुत्ता भाग गया। पुलिस ने बाकी चार नरमुंड कब्जे में ले लिए। फॉरेंसिक टीम ने वैज्ञानिक परीक्षण किया। एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि दीपावली के समय तंत्र-मंत्र के लिए नरमुंड इस्तेमाल करके फेंके गए हैं। हर पहलू पर पड़ताल हो रही है।

बता दें कि घाटमपुर में भी तंत्र-मंत्र के चक्कर में कुछ दिन पहले ही बड़ी घटना हुई थी। एक बच्ची की हत्या करके अंग निकाल लिए गए थे। अब नरमुंड मिलने की घटना इशारा कर रही है कि जिले में वर्तमान में भी तंत्र-मंत्र करने वाले सक्रिय हैं।

डेढ़ साल पुराने हैं नरमुंड, होगी डीएनए जांच

 फॉरेंसिक टीम ने वैज्ञानिक परीक्षण की रिपोर्ट डीआइजी को सौंपी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सभी नरमुंडों में क्रेक फ्यूजन (हड्डियों में दरार का संलयन) है, जो व्यक्ति के बालिग होने का प्रमाण है। दांतों की बनावट से भी बालिग होने की पुष्टि हुई है। बेंजामीन टेस्ट भी निगेटिव आया है। इसमें आठ महीने पुराना तक रक्त प्रकाश में आ जाता है। इसका मतलब है कि ये सभी आठ महीने से ज्यादा पुराने हैं। स्कल्टन (नरमुंड) में कार्बोनीफिकेशन मिला है। जब मिट्टी में कम से कम डेढ़ वर्ष तक हड्डी दबी रहती है तो उसमें कैल्शियम का क्षरण शुरू हो जाता है और कार्बन जमने लगता है, जिसे कार्बोनिक फिकेशन कहते हैं। इस आधार पर नरमुंड डेढ़ वर्ष पुराने हैं। एक भी नरमुंड में हत्या से मृत्यु होने की पुष्टि नहीं हुई है। नरमुंड पुरुषों या स्त्रियों के हैं, फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने यह जानने के लिए डीएनए जांच कराने की संस्तुति की है।  

 खुलासे के करीब पुलिस, हिरासत में महिला

पनकी के कांशीराम काॅलोनी में नरमुंड मिलने के मामले में पुलिस देर रात खुलासे के करीब पहुंच गई। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने काॅलोनी में ही रहने वाली एक महिला को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस महिला ने स्वीकार कर लिया है कि नरमुंड उसने ही फेंके हैं। यह महिला करीब डेढ़ सवाल पहले यहां रहने आई थी और उसके पास यह नरमुंड साल भर से रखे हुए थे। उसे किसी ने इन्हें ठिकाने लगाने के लिए ही दिए थे। मौका नहीं मिलने की वजह से कंकाल उसके घर पर ही रखे हुए थे। हालांकि पुलिस अभी यह पता नहीं लगा सकी है कि महिला को कंकाल किसने दिए। पुलिस को भरोसा है कि मंगलवार की दोपहर तक केस का खुलासा हो जाएगा। एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने पुष्टि की है कि एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने नरमुंड फेंकने की बात कबूल की है। यह कंकाल वह कहां से लाई थी, इनका क्या प्रयोग किया गया यह सवाल अभी अनुत्तरित हैं।