कानपुर [जागरण स्पेशल]। गंगा में गिर रहे नालों को रोकने का दावा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। जलकल विभाग की हालिया रिपोर्ट ने इसकी पुष्टि कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक गंगा जल में 48 गुना ज्यादा कोलीफार्म बैक्टीरिया और नाइट्राइट है। आपूर्ति के लिए जल साफ करने के लिए भी जलकल को डेढ़ गुना ज्यादा फिटकरी खर्च करनी पड़ रही है।

कुंभ मेले के दौरान गंगा को निर्मल और अविरल करने के लिए जल निगम ने सीसामऊ समेत कई नालों को बंद कर दिया था। जो नाले बंद नहीं हो सके उन्हें बायोरेमिडेशन प्रक्रिया के माध्यम से साफ करने के बाद गंगा में डालने का दावा किया गया। इसका असर भी दिखा और कुंभ मेले के दौरान गंगा साफ रही। इसके बाद फिर पुराने ढर्रे पर लौट आई। जलकल की ओर से जब गंगा जल के नमूनों की जांच की गई तो 24 लाख कोलीफार्म बैक्टीरिया प्रति सैकड़ा मिलीलीटर पानी में मिला, जबकि मानक के अनुसार यह स्तर सिर्फ पचास हजार बैक्टीरिया तक होना चाहिए।

इसके अलावा नाइट्राइट 0.025 मिली ग्र्राम प्रति लीटर मिली। कलर भी 35 हैजेन है। इससे साफ है कि गंगा की धारा में अभी भी नाले का पानी मिल रहा है। रानी घाट में भी नाला सीधे गंगा में मिल रहा है। इसमे बस्ती वालों का सीवर भी शामिल है। बता दें कि जलकल की ओर से भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से रोज जलापूर्ति के लिए बीस करोड़ लीटर कच्चा पानी लिया जाता है।

जल शुद्ध करने के लिए प्रयोग हो रही आठ टन फिटकरी

कच्चा जल शुद्ध करने के लिए पांच टन फिटकरी की जगह वर्तमान में आठ से नौ टन फिटकरी प्रयोग की जा रही हे। इसके अलावा छह सौ किलोग्र्राम लीटर की जगह नौ सौ किलोग्र्राम लीटर क्लोरीन मिलानी पड़ रही है।

यह नाले बंद

सीसामऊ नाला, नवाबगंज, परमट और म्योर मिल नाला

इनका बायोरेमिडेशन प्रक्रिया से साफ करने का दावा

गुप्तार नाला, सत्तीचौरा, गोलाघाट, डबका नाला, रानी घाट नाला

48 दिन में भी नहीं बंद हुए नाले, 27.36 लाख जुर्माना

एक साल गुजर जाने के बाद भी परिमयापुरवा और गुप्तार घाट नाला बंद नहीं हो पाया है। ठेकेदार पर एक मार्च से नाला बंद होने तक रोज 57 हजार रुपये जुर्माना भी जल निगम ने लगाया, लेकिन दोनों नाले अभी तक बंद नहीं हो पाए है। 48 दिन गुजर गए हैं अब तक ठेकेदार पर 27.63 लाख रुपये जुर्माना लग चुका है। जल निगम के परियोजना प्रबंधक घनश्याम द्विवेदी ने बताया कि ठेकेदार की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि भुगतान के समय जुर्माने की राशि काट ली जाए। परमियापुरवा नाला का काम पूरा हो गया है टेस्टिंग चल रही है। वहीं गुप्तार घाट नाला का काम रक्षा संपदा विभाग द्वारा रोके जाने से प्रभावित हो रहा है।  

Posted By: Abhishek