कानपुर, जेएनएन। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिये घर लौट रहीं दो महिलाओं समेत पांच लोगों के लिए जिंदगी का यह सफर आखिरी साबित हुआ। ये सभी लोग अलग-अलग ट्रेनों से यात्रा कर रहे थे। अलग अलग ट्रेनों में मौत के बाद कानपुर में एक, उन्नाव में तीन और चिरगांव स्टेशन पर एक शव उतारा गया। कोरोना जांच के बाद शवों को सरकारी खर्चे पर भिजवाया गया।

चचेरे भाई व सहेली के साथ दीमापुर जा रही थी

श्रमिक स्पेशल ट्रेन में 23 वर्षीय युवती नैचिनल्यू डिसांग (नैंची) की मौत की पहली खबर शनिवार सुबह 10 बजे आई। नैैंची अपने चचेरे भाई डैनियल और सहेली इरा हुई के साथ दिल्ली से दीमापुर जा रही विशेष ट्रेन (04072) में सवार थे। सहेली इरा हुई ने बताया कि नैंची उसके साथ शिमला के स्पा सेंटर में काम करती थी। उसे लिवर की बीमारी थी, जिसका इलाज चल रहा था। इरा के मुताबिक रास्ते में तबियत बिगडऩे लगी। खांसी आई और उल्टी होने के पांच मिनट बाद ही मौत हो गई। डैनियल भी वहीं एक कॉल सेंटर में काम करता था। सुबह 10 बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर शव उतारा गया। डीएम डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी, एसएसपी अनंत देव तिवारी ने नैैंसी, चचेरे भाई व सहेली की कोरोना जांच कराई। शाम को रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डीएम ने सरकारी खर्चे पर शव के साथ दोनों लोगों को गाड़ी से भेजा।

उन्नाव में उतारे गए तीन शव

आंध्र प्रदेश से उन्नाव जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन (07230) में उन्नाव के बिहार थानाक्षेत्र के डिहवा ज्वालापुर निवासी 49 वर्षीय राजेंद्र प्र्रसाद की भी मौत हो गई। मुंबई से बिहार जा रही श्रमिक स्पेशल टे्रन में 80 वर्षीय लालमुनि देवी ने भी दम तोड़ दिया। उनके साथ नाती उत्तम भी था। जीआरपी इंस्पेक्टर राममोहन राय के मुताबिक इनकी कोरोना जांच निगेटिव आई है। वहीं, देर रात मुंबई से सिद्धार्थनगर जा रही ट्रेन में जौनपुर जिले के शाहपुर बरसठी में रहने वाले 48 वर्षीय विजय नाथ प्रजापति की मौत हो गई। साथ यात्रा कर रहे भाई केशनाथ ने बताया कि विजयनाथ को शुगर की बीमारी थी। दिल के भी मरीज थे।

भुसावल के पास 24 घंटे बाद गाड़ी पहुंची तो यहीं बिस्कुट आदि खाया था। झांसी पहुंचने पर तबीयत बिगड़ गई। कुछ आगे चले कि इनकी मौत हो गई। भाई व दो दोस्तों ने शव को सेंट्रल स्टेशन पर उतारा। अभी शव को हैलट अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। भाई के मुताबिक भूख से मौत की बात गलत है। शुगर की दवा लेते थे और दिल का भी इलाज चल रहा था। इसी ट्रेन में सिद्धार्थ नगर जा रहे अब्दुल हसीन ने बताया कि ट्रेन 24 घंटे की देरी से चल रही है। यात्रियों को झांसी में सिर्फ पानी दिया गया तो कुछ संस्थाओं ने झांसी में खाने के पैकेट दिए थे। बाकी कुछ नहीं मिला।

ट्रेन में प्रवासी श्रमिक की मौत

स्पेशल श्रमिक ट्रेन में बीमारी की वजह से हालत बिगडऩे पर एक प्रवासी श्रमिक की मौत हो गयी। इसकी सूचना झांसी के चिरगांव पुलिस को दी गयी। जिला बलरामपुर थाना गौरा चौराहा क्षेत्र टेगनहवा निवासी सुनील तिवारी (22) हैदराबाद में मजदूरी करता था। वह श्रमिक स्पेशल ट्रेन से बलरामपुर जा रहा था। यात्रा के दौरान उसकी हालत बिगडऩे लगी और वह ट्रेन में ही बेहोश हो गया। उसे चिरगांव स्टेशन पर ट्रेन से उतारकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार बीमारी के चलते श्रमिक की मौत हो गयी।

Posted By: Abhishek Agnihotri

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