कानपुर, जेएनएन। कार बुक करने के बाद चालक की हत्या और लूटपाट करने वाले दोनों बदमाशों में मुख्य आरोपित हिमांशु गुप्ता की मेरठ निवासी महिला मित्र से भी पुलिस ने पूछताछ की है। उसने खुद को बेकसूर बताया। कहा कि आरोपित उसका दोस्त है, लेकिन उसे घटना के बारे में जानकारी नहीं है। 29 जून को हिमांशु मिलने वाला था, लेकिन मिला नहीं। जिस युवक पर आरोपितों ने लूट का आइडिया देने का आरोप लगाया था, उसकी भी जांच में भूमिका नहीं मिली है।

28 जून को सेंट्रल स्टेशन के बाहर पार्किंग से कन्नौज के तिर्वा क्षेत्र के इंदिरानगर निवासी रिटायर्ड नेवी कर्मी के बेटे हिमांशु गुप्ता व उसके साथी सौरभ सोनी ने दिल्ली के लिए कार बुक की थी। रास्ते में कार चालक दीपक को नशीली चाय पिला बेहोश किया और गला कसकर व सिर पर ईंट-पत्थर से सिर पर वार कर मौत के घाट उतार दिया। चालक के शव को मेरठ के मुंडाली क्षेत्र में गन्ने के खेत में फेंका था। आरोपितों के पास पुलिस का फोन पहुंचा तो वे घबरा गए और कार को खरखौदा क्षेत्र में छोड़कर भाग निकले थे।

बाद में हरबंश मोहाल पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मेरठ में शव मिलने के बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो दोनों ने जुर्म कुबूल कर लिया। हिमांशु ने बताया था कि मेरठ के जागृति विहार निवासी महिला मित्र को हीरे का हार देने के लिए उसने वारदात की थी, लेकिन कार को बेच नहीं पाया। हरबंश मोहाल थाना प्रभारी सत्यदेव शर्मा ने बताया कि हिमांशु ने जिस युवती के बारे में जानकारी दी थी, उससे पूछताछ करने के लिए टीम मेरठ भेजी गई थी। युवती ने बताया है कि वारदात के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। 27 जून के बाद वह हिमांशु से नहीं मिली थी।

महिला मित्र की फीस के पैसे भी हड़प गया : युवती ने पुलिस को बताया कि हिमांशु पैसे के लिए कुछ भी कर सकता है। वारदात से पहले जब वह मेरठ आकर मिला तो उसने उसकी कालेज फीस के करीब 20 हजार रुपये ले लिए थे। रकम उसने जुलाई में लौटाने की बात कही थी। पुलिस के मुताबिक युवती झांसी के एक कालेज में बीएससी फारेंसिक की पढ़ाई कर रही है। लाकडाउन में कालेज बंद होने के कारण वह घर से आनलाइन क्लास करती है। 

Edited By: Akash Dwivedi