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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फर्रुखाबाद में 50 परिवार फिर बने हिंदू, घर वापसी के लिए विहिप के संपर्क में अभी 600 परिवार

By Abhishek AgnihotriEdited By:
Published: Tue, 04 Jan 2022 11:54 AM (IST)

फर्रुखाबाद में विश्व हिंदू परिषद के मंत्री का दावा है कि छह सौ परिवार मत वापसी के लिए संपर्क में ...और पढ़ें

फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ में घर वापसी का कार्यक्रम।
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ में घर वापसी का कार्यक्रम।

फर्रुखाबाद, जागरण संवाददाता। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की ओर से फतेहगढ़ के पुल मंडी स्थित एक स्कूल में कार्यक्रम आयोजित करके 50 परिवारों की घर वापसी कराई गई। विहिप मंत्री का दावा है कि 600 परिवार उनके संपर्क में हैं। जल्द ही कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें भी घर वापस लाया जाएगा।

विहिप के कार्यक्रम में शामिल अधिकांश महिलाओं को धर्म में वापसी पर कलावा बांधा गया। हनुमान चालीसा भेंटकर मंत्रोच्चार के साथ उन्हें हिंदू धर्म में शामिल किया गया। विहिप नेताओं ने घर वापसी करने वालों की जो सूची जारी की है, उनमें अधिकांश परिवार फतेहगढ़ के मोहल्ला ग्वालटोली के हैं। हालांकि, मोहल्ले के लोगों को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह कभी दूसरे धर्म में गए थे। यह लोग मोहल्ले में होने वाले धार्मिक आयोजनों में शामिल होते रहे। इसाई मत से फिर हिंदू धर्म अपनाने वाली रीतू ने कहा कि वह संतुष्ट हैं। घर में देव प्रतिमाएं रखकर पूजा-पाठ शुरू कर दिया है।

मोहल्ला ग्वालटोली निवासी शिक्षक सुजीत वाल्मीकि की पत्नी रीतू ने बताया कि करीब पांच साल पहले वह कुछ लोगों के संपर्क में आकर गिरजाघर में जाने लगी थीं। अब उन्हें समझ में आया कि हिंदू धर्म सबसे अच्छा है। समाज के ही शिक्षक जयगोपाल काफी दिनों से प्रयास कर रहे थे। उन्हीं की प्रेरणा से वह विहिप की ओर से आयोजित कार्यक्रम में गई थीं।

विहिप के जिला मंत्री दिनेश तोमर ने बताया कि वह लोग धार्मिक यात्रा पर गए थे। दो दिन पहले ही उन्हें जानकारी दी गई कि जिन लोगों की घर वापसी का प्रयास संगठन कार्यकर्ता कर रहे थे, वह अब तैयार हैं। इसलिए धार्मिक यात्रा छोड़कर लौटे और घर वापसी कराई। विहिप के जिला संगठन मंत्री शुभम सर्वेश्वर ने बताया कि धर्म रक्षा संकल्प अभियान के तहत 50 परिवारों की घर वापसी हुई है। यह लोग करीब 10 साल पहले भ्रमित होकर दूसरे मत में चले गए थे।