फर्रुखाबाद, जेएनएन। शहर कोतवाली क्षेत्र में बुधवार की सुबह भाजपा विधायक के आवास से कुछ दूरी पर विस्फोट होने से दहशत फैल गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों की खिड़कियां हिल गईं और लोग बाहर आ गए। कूड़े के ढेर में हुए विस्फोट पर पुलिस ने प्राथमिक जांच में काई पटाखा फटने की आशंका जताई है। हालांकि, फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी है।

बताया गया है कि शहर के मोहल्ला सेनापति में सदर भाजपा विधायक मेजर सुनीलदत्त द्विवेदी का आवास है। उनके आवास से करीब दो सौ कदम की दूरी पर बुधवार सुबह करीब आठ बजे राजेश उर्फ तिन्ना के घर के सामने कूड़े का ढेर लगा था। इसमें किसी ने आग लगा दी तो कुछ ही देर में उसमें विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकानों के खिड़की दरवाजे, फर्श, तक टूट गए और छत का प्लास्टर टूटकर नीचे आ गिरा।

सेवानिवृत बैंककर्मी अवधेश अवस्थी के घर में खिड़की का टूटा शीशा ऊपर गिरने से बच्ची श्रेया लहूलुहान हो गई। रास्ते से गुजर रहीं पूनम वर्मा के चेहरे पर भी कांच लगने से चोटिल हो गई। धमाके के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर आ गए। विधायक आवास और धार्मिक स्थल के पास धमाके से तनाव का माहौल बन गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल पर छानबीन और लोगों से पूछताछ की। फोरेंसिक टीम और डाग स्क्वॉड ने साक्ष्य जुटाए। अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह ने कहा कि प्राथमिक जांच में आतिशबाजी का धमाका होने की आशंका बनी है। फोरेंसिक टीम से जांच कराई जा रही है। 

घर में नहीं था विधायक परिवार

घटना के समय सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी परिवार समेत लखनऊ में थे और घर पर कर्मचारी ही मौजूद थे। मेजर सुनील दत्त द्विवेदी के चचेरे भाई सुधांशु दत्त द्विवेदी व पूर्व ब्लॉक प्रमुख भाष्कर दत्त द्विवेदी मौके पर पहुंच गए। सुधांशुदत्त ने कहा कि धमाका काफी तेज था और पास के मोहल्लों तक आवाज सुनी गई। फारेंसिक टीम जल्द बताए कि किस चीज का धमाका था।

इस रास्ते से टहलने जाते हैं विधायक

पड़ोसियों ने बताया कि जिस स्थान पर विस्फोट हुआ है, वहीं से सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी प्रतिदिन सुबह टहलने जाते हैं। मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने फोन पर बताया कि घटना गंभीर है। पुलिस प्रशासन मामले की जांच कर रहा है, जल्द ही असलियत सामने आ जाएगी। 

शहर में पहले भी मिल चुके हैं बम

16 सितंबर 2019 को शहर के मोहल्ला बजरिया फील्ड में नीम के पेड़ के नीचे हैंडग्रेनेड रखा मिला था। सेना के बम निरोधक दस्ते ने उसे कब्जे में लेकर निष्क्रिय किया था। गंगा के किनारे उसे डिफ्यूज करते समय तेज धमाका हुआ था। लोगों का कहना था कि यदि यह इलाके में फट जाता तो जनहानि हो सकती थी। वर्ष 2011 में शहर के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर पेड़ के पास तहमद (लुंगी) में लिपटे हुए तीन हैंडग्रेनेड मिले थे। मामले में जीआरपी ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था।

वर्ष 2015 में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पार्सलघर के निकट टाइमबम रखा गया था। कानपुर से आए बम निरोधक दस्ते ने बम को निष्क्रिय किया था। जीआरपी ने दर्ज मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। 11 सितंबर 2017 को शहर के मोहल्ला इस्मालगंज सानी में जीआइसी के पास टाइमबम मिला था, जिसे बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय किया था। इसमें भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। शहर में हैंडग्रेनेड व टाइमबम रखने वाले कौन थे और रखने की वजह क्या थी, आज तक इन सवालों से पर्दा नहीं उठ सका है। 

Posted By: Abhishek

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