SIR में बीएलओ के सामने आ रही ये सबसे बड़ी परेशानी, जरा सी लापरवाही से सूची से कट सकता है नाम
फर्रुखाबाद में मतदाता सूची के पुनरीक्षण में अनमैप्ड वोटर एक बड़ी समस्या है। बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं, लेकिन जानकारी न मिलने पर उन्हें अनमैप्ड श्रेणी में डाल रहे हैं। अपर जिलाधिकारी ने कहा है कि वैध मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है, उन्हें नोटिस दिया जाएगा। एसआईआर अभियान में बीएलओ और मतदाता दोनों की जिम्मेदारी है।

गलत प्रविष्टियों से नाम कटने का है खतरा। प्रतीकात्मक
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद । निर्वाचक नामावली के विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में इस बार सबसे गंभीर समस्या अनमैप्ड वोटरों की तेजी से बढ़ती संख्या बनती जा रही है। आयोग की सख्त डेड लाइन, प्रशासन के लगातार दबाव और मतदाताओं की उदासीनता के बीच बूथ लेवल अधिकारी भारी उलझन में हैं। कई बीएलओ घर-घर सत्यापन कर रहे हैं। जहां जानकारी पूर्ण नहीं मिली, वहां वोटरों को अनमैप्ड या अनट्रेसेबल की श्रेणी में डाल दिया जा रहा है। हालांकि अनमैप्ड वोटर अंकित करने में जरा सी लापरवाही आगे भारी पड़ सकती है।
अभियान के दौरान जिन लोगों को एसआइआर प्रपत्र अभी तक नहीं मिला है, वे स्वयं भी ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे। बीएलओ जब घर पर नहीं पाते, तो ‘अनट्रेसेबल’ की प्रविष्टि कर देते हैं। बीएलओ का तर्क है कि अत्यधिक क्षेत्र, सीमित समय और बार-बार मतदाता के न मिलने की वजह से यही अंतिम विकल्प बचता है। इससे अगले चरण में राजनीतिक दलों और चुनाव कार्यालय पर दबाव बढ़ेगा, क्योंकि चुनाव के समय यही लोग एपिक कार्ड लेकर बूथों पर हंगामा करते दिखेंगे। इसके अलावा अनकलेक्टेबल फार्मों की संख्या भी काफी अधिक है।
विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान आंकड़ों के अनुसार स्वयं मैप्ड मतदाताओं की संख्या 165153 है, जबकि बीएलओ द्वारा सत्यापित किए गए मैप्ड वोटरों की संख्या 602855 दर्ज की गई है। इसके अलावा माता-पिता के आधार पर मैप्ड किए गए 107948 नाम भी सूची में शामिल हैं। इसके उलट, सबसे चुनौतीपूर्ण श्रेणी अनमैप्ड वोटरों की है, जिनकी संख्या 329754 तक पहुंच गई है। यह वही वोटर हैं जिनका सही पता, बूथ या पारिवारिक लिंकिंग सत्यापित नहीं हो पाया है। इसके साथ ही मृतक, अनुपस्थित और स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की श्रेणी में 50336 प्रविष्टियां चिन्हित की गई हैं।
अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि किसी वैध मतदाता को घबराने की जरूरत नहीं है। चार दिसंबर के बाद शेष मतदाताओं को नोटिस दिया जाएगा। जिसपर वह अपने अभिलेख व फार्म जमा कर सकते हैं। अब यदि मतदाता की मृत्यु हो गई है या वह स्थाई रूप से बाहर रह रहा है तो ऐसे व्यक्ति का वोट कैसे बन सकता है। एसआइआर अभियान में सत्यापन की जिम्मेदारी बीएलओ और मतदाता दोनों पर बराबर है।
- श्रेणी - संख्या
- स्वयं मैप्ड - 165153
- बीएलओ सत्यापित मैप्ड - 602855
- माता-पिता से मैप्ड - 107948
- अनमैप्ड - 329754
- मृतक, अनुपस्थित व शिफ्टेड -50336
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