कानपुर, [समीर दीक्षित]। इंप्लाई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम (ईडीएलआइ) के तहत अंशदाता के आश्रितों को जहां सात लाख रुपये मिलेंगे, वहीं अगर किसी पीएफ कर्मी का निधन कोरोना से हो जाता है, तो उसे अब पांच के बजाए 10 लाख रुपये मिलेंगे। केंद्र सरकार ने इसी साल इस राशि को बढ़ाकर दो गुना कर दिया है। अप्रैल के पहले हफ्ते में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में भी इन मामलों पर विस्तार से चर्चा करने के बाद फैसला किया गया था।

पीएफ अंशदाता के आश्रितों को मिलेंगे सात लाख

कोरोना महामारी के इस दौर में अगर किसी भविष्य निधि (पीएफ) अंशदाता की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो जाती है तो उनके आश्रितों को भविष्य निधि कर्मचारी संगठन (ईपीएफओ) की ओर से सात लाख रुपये मिलेंगे। हालांकि इसके लिए नियम यह है कि जिस कंपनी में पीएफ अंशदाता कार्यरत है वहां सेवाकाल 12 माह का पूरा हो चुका हो और 15 हजार रुपये तक वेतन मिल रहा हो। अभी तक इसमें छह लाख रुपये दिये जाने का प्रावधान था। दरअसल, ईपीएफओ की इंप्लाई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम (ईडीएलआइ) के तहत उक्त राशि दी जाएगी। पिछले कुछ दिनों में कई अंशदाताओं का कोरोना संक्रमण के बाद निधन हो गया। उसके बाद अंशदाता के परिवार के सदस्यों ने इस स्कीम के तहत आवेदन भी किए हैं। जिनका निस्तारण कराया जा रहा है।

-कोरोना संक्रमित होने के बाद अगर अंशदाता का निधन हो जाता है तो उसे इडीएलआइ स्कीम के तहत सात लाख रुपये अधिकतम और न्यूनतम ढाई लाख रुपये मिल जाते हैं। इसके साथ ही पीएफ कर्मी का निधन होने पर फौरन उसे 10 लाख रुपये मिलेंगे। -प्रशांत शुक्ला, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, ऑल इंडिया ईपीएफ स्टाफ संघ

Edited By: Abhishek Agnihotri