कानपुर, जागरण संवाददाता। मुख्यमंत्री के सड़क सुरक्षा अभियान में अवैध स्टैंड, अतिक्रमण हटवाकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी अफसरों को दी गई थी, इसके बाद भी अधिकारियों का फोकस सिर्फ और सिर्फ चालान की कार्रवाई करने पर रहा है। वाहनों और ठेलिया दुकानदारों का अतिक्रमण बदस्तूर जारी है। किसी भी चौराहे पर 70 मीटर दायरे का पालन नहीं हो रहा है। चौराहों पर ही आटो-टेंपो और ई-रिक्शा खड़ा करके सवारियां उतारी और बैठाई जा रही हैं। ट्रैफिक पुलिस मूकदर्शक बन यह सब देखती रहती है।

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद सिर्फ चालान काटने की कार्रवाई ही की गई। 48 घंटे के भीतर 4461 चालान होने के बाद भी आटो-टेंपो और ई-रिक्शा चालकों की अराजकता पर कोई असर नहीं पड़ा। वह उसी तरह बेधड़क फुटपाथ और सड़क घेरकर अराजकता फैलाते रहे। तीसरे दिन भी नाम के लिए अभियान चलाकर कुछ चालान काटकर औपचारिकता पूरी कर दी गई। जबकि रविवार को कहीं कोई अभियान नहीं चला। अभियान के दौरान सभी का फोकस सिर्फ चालान की कार्रवाई पर रहा। चौराहों के अतिक्रमण पर कार्रवाई करने वाली टीमें मुंह फेरे रहीं। इक्का-दुक्का स्थानों पर संयुक्त टीम ने अतिक्रमणकारियों को खदेड़ा, लेकिन वापस पलटकर नहीं देखा। नतीजा यह रहा कि सब अपने पुराने ढर्रे पर लौट आए। ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पूर्व में चौराहों के 70 मीटर दायरे को अतिक्रमण मुक्त रखने के निर्देश दिए गए थे। जिसका कहीं भी पालन नहीं हो रहा है।

अतिक्रमणकारियों के लिए मेट्रो स्टेशन वरदान

मेट्रो स्टेशन अतिक्रमण करने वाले ठेलिया दुकानदारों के लिए वरदान बन गए हैं। सड़क और फुटपाथ के किनारे ठेलिया दुकानदार अतिक्रमण किए हुए हैं। मेट्रो स्टेशन के नीचे ठेलिया दुकानदारों का अतिक्रमण सुगम यातायात में रोड़ा बना है। रावतपुर, गीता नगर, गुरुदेव, एसपीएम मेट्रो स्टेशन के नीचे ठेलिया दुकानदारों का सर्वाधिक अतिक्रमण है। अभियान के बाद भी इन्हें नहीं हटाया जा सका है।

Edited By: Abhishek Verma