कानपुर, जेएनएन। मानव तस्करों के चंगुल में फंसकर ओमान गईं उन्नाव की महिलाओं ने वहां के भारतीय दूतावास पर पक्षपात का आरोप लगाया है। एक महिला ने वायस मैसेज भेजकर बताया कि भारत आने वालों की सूची में उनका भी नाम था, लेकिन दूतावास ने नाम हटाकर बाद में मुक्त कराई गई चेन्नई की छह महिलाओं को बुधवार को भारत रवाना कर दिया।

जनवरी से अप्रैल के बीच मानव तस्करों ने बेहतर नौकरी का झांसा देकर कानपुर व उन्नाव की आधा दर्जन महिलाओं को ओमान भेजा था। वहां सर्वेंट एजेंसी की संचालिका ने उन्हेंंं जबरन शेखों के घरों पर काम करने भेजा। जहां मानसिक व शारीरिक उत्पीड? किया गया। उन्नाव के राजमिस्त्री की पत्नी की भारत वापसी के बाद उन महिलाओं को उम्मीद की किरण नजर आई तो उन्होंने कानपुर क्राइम ब्रांच से गुहार लगाई। क्राइम ब्रांच ने पत्र भेजा तो ओमान के भारतीय दूतावास ने उन्नाव की एक महिला को दो जुलाई को और दूसरी महिला को 14 जुलाई को मुक्त कराया था।

महिलाओं ने वायस मैसेज में कहा कि दूतावास के अधिकारी केवल घर भेजने का आश्वासन दे रहे हैं। पिछले दिनों चेन्नई की जिन छह महिलाओं को अन्य स्थानों से मुक्त कराया गया। उनकी कागजी कार्रवाई, कोरोना जांच और टिकट कराकर बुधवार को भारत भेज दिया गया। सभी अपने घर भी पहुंच गईं। इधर, क्राइम ब्रांच टीम ने बताया कि उन्नाव की दो महिलाओं के साथ ही बेकनगंज की भी एक महिला ओमान में हैं। तीनों को एक साथ भारत लाने की कोशिश की जा रही है।

Edited By: Akash Dwivedi