जागरण संवाददाता, कानपुर: कल्याणपुर से फर्रुखाबाद तक रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण लगभग पूरा हो गया है। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो मई से इस रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन फर्राटा भरते नजर आएंगे।

कानपुर से फर्रुखाबाद, कासगंज होते हुए मथुरा-बरेली तक विद्युत ट्रेनों का संचालन की योजना पर काम किया जा रहा है। करीब 300 सौ करोड़ रुपये लागत वाली परियोजना मार्च 2019 तक पूरी होनी थी। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि विद्युतीकरण लगभग पूरा हो चुका है। जो छिटपुट काम बाकी है, वह भी अप्रैल मध्य तक पूरा हो जाएगा। सीआरएस सर्वे के लिए पत्र लिखा गया है। अगर समय पर सीआरएस की अनुमति मिल जाती है तो मई तक विद्युत ट्रेनें दौड़ती नजर आएंगी।

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ट्रैक विद्युतीकरण से लाभ

- कानपुर से वाया फर्रुखाबाद दिल्ली जाने में अभी 10 घंटे लगते हैं। इलेक्ट्रिक लाइन चालू होने के बाद सात घंटे का समय लगेगा।

- सेंट्रल स्टेशन पर विद्युत इंजन हटाकर डीजल इंजन लगाने में समय बर्बाद होता है, वह बचेगा।

- ट्रेनों की गति 80 किमी. प्रतिघंटा से बढ़ाकर 110 किमी हो जाएगी।

- दिल्ली से बरेली होकर भी ट्रेनें वाया फर्रुखाबाद कानपुर आएंगी।

- दिल्ली से मथुरा होते हुए वाया कासगंज फर्रुखाबाद होते हुए भी ट्रेनें कानपुर आएंगी।

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ट्रैक पर बढ़ेगा लोड

कानपुर सेंट्रल से मथुरा तक विद्युतीकरण के चलते इस ट्रैक पर ट्रेनों का लोड बढ़ने की संभावना है। फर्रुखाबाद रेलमार्ग पर अभी प्रतिदिन 26 सवारी ट्रेनें और 15 मालगाड़ियां दौड़ रही हैं। मथुरा तक विद्युतीकरण के बाद इस ट्रैक पर सवारी गाडि़यों की संख्या 100 हो जाएगी और मालगाड़ी की संख्या भी 50 से अधिक हो जाएगी। इसके लिए मंधना स्टेशन से कानपुर सेंट्रल तक वाया पनकी ट्रेनों के संचालन के लिए कवायद चल रही है।

Edited By: Jagran