जागरण संवाददाता, कानपुर : गंगा को निर्मल-अविरल करने के लिए लाए गए नमामि गंगे प्रोजेक्ट मे गोबर बाधक बन सकता है। दरअसल चट्टा संचालक मनमाने तरीके से सीवर लाइनो मे गोबर बहा रहे हैं जिससे सफाई के बाद फिर से सीवर लाइने चोक हो जा रही है। इससे परेशान जल निगम ने अब सफाई से हाथ खड़े कर दिए है और नगर निगम को पत्र भेजकर सीवर लाइन मे गोबर बहाने पर रोक लगाने को कहा है। <ढ्डह्म> विष्णुपुरी मे रुका 370 करोड़ का प्रोजेक्ट<ढ्डह्म> नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत 370 करोड़ रुपये से गंगा किनारे स्थित 34 वार्डो की सीवर लाइन साफ करने का काम चल रहा है। विष्णुपुरी मे सब्जी मंडी के पास रोकने के बाद भी एक चट्टे वाले के गोबर डालने से साफ कराई गई सीवर लाइन फिर चोक हो गयी है। सफाई मे अब तक डेढ़ लाख रुपये भी खर्च हो गए लेकिन कोई लाभ नही हुआ। <ढ्डह्म> सीसामऊ नाला बंद करने का काम भी न रुक जाए <ढ्डह्म> 63 करोड़ रुपये से सीसामऊ नाला बंद करने व दूषित पानी के शोधन के लिए ट्रीटमेट प्लांट बनाने का काम चल रहा है। ग्वालटोली के पास पुरानी पड़ी सीवर लाइन की सफाई की जा रही है। अहिराना मे चट्टे वाले सीधे सीवर लाइन मे गोबर डाल रहे है इसके चलते सीवर लाइन की सफाई करने मे जल निगम को दिक्कत आ रही है। अब तक एक लाख रुपये सफाई मे खर्च हो चुके है फिर भी सीवर लाइन नही साफ हो पा रही है। <ढ्डह्म> मंत्री ने दिया दो माह मे चट्टे हटाने का समय <ढ्डह्म> नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने नगर आयुक्त को दो माह मे चट्टे हटाने के आदेश दिए हैं। नगर आयुक्त ने सभी जोनल अफसरो को चट्टे चिह्नित करने के आदेश दिए हैं। दस दिन हो चुके हैं लेकिन अभी सूची तैयार नही हो पाई है। <ढ्डह्म> ........<ढ्डह्म> क्या कहते है जिम्मेदार <ढ्डह्म> ''गोबर के चलते सीवर सफाई का काम नही हो पा रहा है। ऐसे मे समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने मे भी दिक्कत होगी। गोबर रोकने के लिए नगर निगम को पत्र लिखा है। - घनश्याम द्विवेदी, परियोजना प्रबंधक, जल निगम।<ढ्डह्म> ''चट्टे चिह्नित किए जा रहे है, सीवर लाइन मे गोबर डालने वालो पर कार्रवाई की जाएगी। -अमृतलाल बिंद, अपर नगर आयुक्त प्रथम