कानपुर, जेएनएन : प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा है कि भाजपा को किसी के गठबंधन से कोई डर नहीं है। पार्टी लोकसभा चुनाव लडऩे और प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा सीटें हासिल करने में सक्षम है, जिसे डर था उसने गठबंधन किया। गुरुवार को वह शहर में आयोजित एक स्कूल के कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे और उपमुख्यमंत्री ने सवालों के ये जवाब दिये...।

  • प्रश्न : कुंभ शुरु हो चुका है, बावजूद इसके गंगा में नाले गिर रहे हैं। ऐसा क्यों हो रहा है।
  • जवाब : गंगा में नाले बिल्कुल नहीं गिर रहे हैं, कुंभ में तो जब विरोधी डुबकी लगा रहा है और कुंभ को देख रहा है तो उसे आशीर्वाद मिल रहा है?
  • प्रश्न : बोर्ड परीक्षा भी नजदीक हैं और लोकसभा चुनाव भी होने हैं, क्या तैयारी की गई है?
  • जवाब : प्रदेश में नकलविहीन परीक्षाएं कराना सरकार का लक्ष्य है। पहली बार ऐसा होगा जब महज 16 दिन में बोर्ड परीक्षाएं खत्म होंगी।
  • प्रश्न : पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बीमार होने पर कांग्रेस नेता ने टिप्पणी की, आप क्या कहना चाहेंगे?
  • जवाब : जिसकी जैसी मानसिकता होती है, वह वैसा ही सोचता है और बयान देता है।
  • प्रश्न : घोटालों में सीबीआइ के लगातार छापे हो रहे हैं, क्या इसमें सरकार की पहल है?
  • जवाब : हाइकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की जा रही है। भाजपा इस तरह के काम नहीं करती है, जो गलत होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई तो होगी।

विद्यार्थी बन स्कूल जाएं शिक्षक
स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने शिक्षकों और अभिभावकों को बेहद गंभीर नसीहत दी। उन्होंने विद्यार्थी बन शिक्षकों को स्कूल जाने और अभिभावक से खुद में रह गई कमियों को बच्चों से पूरा न कराने की बात कही। कहा कि शिक्षक को हमेशा पढ़ते रहना चाहिये, जो शिक्षक पढ़कर स्कूल नहीं जाता वो बच्चों को बेहतर ढंग से नहीं पढ़ा पाता है। कई बच्चों के प्रश्न करने पर उसे तरह-तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए शिक्षक अगर विद्यार्थी बनकर स्कूल पहुंचेंगे तो वह बच्चों की सभी समस्याओं का समाधान कर पाएंगे। कहा कि समाज के निर्माण में शिक्षक की भूमिका सबसे अहम होती है।
अभिभावकों को भी दी नसीहत
अभिभावकों की बात करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ज्यादातर अभिभावक खुद रह गई कमियों को अपने बच्चों से पूरा कराना चाहते हैं। ऐसी मंशा से किये जाने वाले अभिभावकों के कृत्य बच्चों के लिए मुसीबत बन जाते हैं। पूरे साल ध्यान नहीं देते हैं और जब परीक्षा का समय आता है तो बच्चों को सुबह चार बजे पढ़ाई के लिए जगा देते हैं। तो देर रात तक पढऩे के लिए जगाए रखते हैं। जबकि परीक्षा का समय बच्चों को तनाव मुक्त रखने वाला होता है। इसलिए अभिभावकों को बच्चों पर उनके अनुसार ही ध्यान देना चाहिये। यहां से निकलने के बाद डॉ. दिनेश शर्मा ने अन्य शिक्षण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रोदय से नरेन्द्रोदय पुस्तक का विमोचन किया। जाजमऊ गंगापुल पर विधायक महेश त्रिवेदी, भाजपा उत्तर जिला अध्य्क्ष सुरेंद्र मैथानी आदि पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

 

Posted By: Abhishek

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