महोबा, जेएनएन। पर्यटन विकास के लिए प्रस्तावित स्थलों के सुंदरीकरण की जो गाइड लाइन डीएम ने तैयार कराई थी उसमें फिलहाल नगर पालिका की प्रगति कमजोर दिखाई दी। डीएम सत्येंद्र कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तीन दिन के अंदर प्रस्तावित कार्यों का स्टीमेट तैयार करने के निर्देश जारी किए। चरखारी में ही नहीं बल्कि पूरे जिले में पर्यटन संभावनाओं की तलाश की जा रही है, जिसमें मुख्यालय में काफी हद तक विकास कार्य पूरे भी हो चुके हैं। मुख्यालय के बाद अब डीएम का ध्यान चरखारी के ऐतिहासिक कस्बा पर है। चरखारी में विकास की हर संभावना की तलाश के लिए एक सप्ताह पहले ईओ केके सोनकर को निर्देश दिए थे।

बुधवार को निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने कोई प्रगति न देख नाराजगी जताई। समीक्षा किए जाने के नौ दिन बीत जाने पर भी नगर पालिका की ओर से किसी भी कार्य का स्टीमेट तैयार न कराए जाने पर कहा कि हर हाल में तीन दिन के अंदर स्टीमेट तैयार कराएं। तीन दिन बाद पुन: प्रगति की जांच करेंगे। इस पर ईओ ने 48 घंटे के अंदर स्टीमेट तैयार किए जाने के निर्देश भी अवर अभियंता को जारी किए हैं। कोठी तालाब के किनारे बने स्टेट गेस्ट हाउस को गिरने से बचाने की पहल भी डीएम की ओर से की जा रही है। उन्होंने भवन को संरक्षित स्मारक के रूप में दर्ज कराए जाने के आदेश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान एसडीएम चरखारी पीयूष जायसवाल, नायब तहसीलदार मौजूद रहे।

 

Edited By: Akash Dwivedi