कानपुर, जेएनएन। घनी आबादी वाले इलाकों में गंदा व बदबूदार पानी आ रहा है। इस पानी को पीने से संक्रामक रोग फैलना का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र में हैंडपंप ठूठ हो चुके है, पानी की वैकल्पिक व्यवस्था भी नही हैं। ऐसे में लोगों में नाराजगी बनी हुई है। क्षेत्रीय लोग हैंडपंप लगाने तथा साफ पानी की आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। 

चमनगंज में हाजी संपट चौराहा, इंस्पेक्टर रोड, पेशकार रोड, ईसाई वाला हाता, तलाक महल में कायस्थाना रोड, रेलवे क्रासिंग, पेंचबाग, गम्मू खां का हाता आदि इलाकों में लोगों पीने के साफ पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. यहां नलों से गंदा व बदबूदार पानी आ रहा है। इस पानी से बीमारियों का खतरा बना हुआ है। चमनगंज के डा. मुस्तफा तारिक, इरफान अंसारी बताते है कि जलापूर्ति शुरु होने पर नलों से गंदा व बदबूदार पानी आने लगता है। इसकों किसी काम में नहीं लिया जा सकता है।  कुछ समय बाद पानी साफ होता है लेकिन बदबू बनी रहती है।

कुछ साल पहले गर्मियों में गंदे पानी की वजह से क्षेत्र में डायरिया भी फैल चुका है. डायरिया की चपेट दर्जनों लोग आ गए थे। अब इस वर्ष भी गर्मी में वैसी ही स्थिति बन रही है. क्षेत्र में कोई हैंडपंप नहीं है, जितने हैं वे खराब हो चुके हैं।  लोगों को साफ पानी की लिए भटकना पड़ रहा है। पेचबाग के मुबश्शिर व मूनिस सिद्दीकी भी बताते है. कि पूरे क्षेत्र में दूषित जलापूर्ति की समस्या बनी हुई है.

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