कानपुर, जेएनएन। गंगा किनारे स्थित 40 गांवों को विकास का मॉडल बनाया जाएगा। अगले तीन माह में यहां नागरिक सुविधाओं के साथ-साथ खेल मैदान और ओपन जिम बनेंगे। इसके अलावा गंगा में जा रहे गंदे पानी को रोकने और बारिश का पानी सहेजने के साथ कूड़ाघर बनवाए जाएंगे। गंगा आरती के लिए चबूतरों का भी निर्माण होगा।

नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा को निर्मल-अविरल करने के साथ ही गंगा किनारे के गांवों को स्वच्छ बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। पहले चरण में पांच ब्लॉकों के 40 गांव चुने गए हैं। इनमें कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए जिला पंचायत राज विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कूड़ाघर, खाद बनाने के लिए गड्ढे, हैंडपंप के पानी की निकासी करने और सामुदायिक पिट बनाने का काम शुरू हो गया है।

इन गांवों में होगा विकास कार्य

जिन गांवों में विकास कार्य होना है उनमें आंकिन, गिलवट अमीनाबाद, संजती बादशाहपुर, नानामऊ, महिगवां, मोहउद्दीनपुर, अकबरपुर सेंग, राधन, राढ़ा, ददिखा, हसौली काजीगंज, गदनपुर आहार, मुहंपोछा, काकूपुर सीताराम, बिलहन, निवादा तारापति, तरीपाठकपुर, बेहटा, राजारामपुर, दुर्गापुर, सुनौढ़ा, बहालीपुर, क्योना, रमेल नगर, मोहम्मदपुर, हींगूपुर, हिन्दूपुर, ख्योरा कटरी, लोधवाखेडा, हृदयपुर, प्रतापपुर हरी, कटरी शंकरपुर सराय, ईश्वरीगंज, ऐमा, नारायणपुर, विपौसी, नागापुर, डोमनपुर और मथुराखेड़ा गांव शामिल हैं।

यह हो रहा काम

  • हर गांव में बन रहे पांच-पांच कूड़ाघर और 15-15 खाद के गड्ढे।
  • हैंडपंप के पानी की निकासी के लिए नाली और सोखता गड्ढा।
  • 20 गांवों में सीवर का पानी नदी में जाने से रोकने के लिए सामुदायिक पिट का निर्माण।
  • 15 गांवों में गंगा आरती के लिए चबूतरे।
  • हर गांव में एक हजार वर्गमीटर दीवार पर गंगा और स्वच्छता से जुड़ी वाल पेटिंग।
  • हर गांव में रखी जा रही नीले व हरे रंग की डस्टबिन।
  • 13829 शौचालयों का निर्माण हो चुका है, अभी और शौचालय बनेंगे।
  • 24 गांवों में ओपेन जिम, 14 गांवों में खेल मैदान।
  • 24 गांव में गंगा से जुड़े घाटों का निर्माण, मरम्मत और सुंदरीकरण।
  • 10.10 करोड़ रुपये से होना हैं गांवों में विकास कार्य
  • 1.95 करोड़ रुपये से कूड़ा प्रबंधन पर किया जा रहा काम

Posted By: Abhishek

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