कानपुर, जागरण संवाददाता। जीटी रोड पर गोल चौराहा से रामादेवी तक फोर लेन फ्लाईओवर के निर्माण का प्रोजेक्ट मंजूर हो गया और इसका शिलान्यास भी कर दिया गया, लेकिन अभी तक इस प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट ही नहीं बनी। इसे बनाने का कार्य अब 20 मई के बाद शुरू होगा। तब तक कंपनी के चयन पर मुहर भी लग जाएगी। फिलहाल एनएच पीडब्ल्यूडी ने जो एस्टीमेट तैयार किया है उसके मुताबिक एक हजार करोड़ रुपये से इसके निर्माण में खर्च होगा। इस फ्लाईओवर के बन जाने से यातायात जाम की समस्या समाप्त होगी और अभी गोल चौराहा से रामादेवी तक पहुंचने में जो 40 से 45 मिनट का समय लगता है वह आधे से भी कम हो जाएगा।

जीटी रोड पर आठ साल पहले पालीटेक्निक से रामादेवी तक फोर लेन एलीवेटेड रोड बनाने की योजना बनी थी, लेकिन तब इसे मूर्त रूप नहीं दिया जा सका था।  हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट को उपयुक्त माना था, लेकिन जीटी रोड पर आइआइटी कल्याणपुर से गोल चौराहा होते हुए मोतीझील तक मेट्रो का एलीवेटेड ट्रैक बन गया है। ऐसे में अब पालीटेक्निक से गोल चौराहा तक फ्लाईओवर नहीं बनाया जा सकता है। यही वजह है कि गोल चौराहा से रामादेवी तक फ्लाईओवर की योजना बनी। इसे प्राधिकरण ने मंजूर किया और कंसलटेंट नामित कर फ्लाईओवर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाने के लिए कहा। टेंडर हुआ और कंसलटेंट भी फाइनल हो गया, लेकिन मंत्रालय से अभी तक उसके नाम पर मोहर नहीं लग सकी है।

चुनाव आचार संहिता से पहले ही सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसका शिलान्यास भी कर दिया। हालांकि इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण नहीं होना है ऐसे में कोई दिक्कत नहीं है। मई में कंसलटेंट के नाम पर मुहर लगेगी और उससे करार होगा इसके बाद वह छह माह में डीपीआर बनाकर देगा और फिर निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बन जाने से कोकाकोला क्रासिंग, जरीब चौकी, गुमटी क्रासिंग पर लगने वाला जाम समाप्त होगा। अफीम कोठी, झकरकटी,  टाटमिल चौराहे पर लगने वाले जाम से भी लोगों को निजात मिलेगी।

Edited By: Abhishek Verma