कानपुर, जागरण संवाददाता। जिले में डेंगू का डंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में डेंगू के नए 30 मामले सामने आए। उर्सला की लैब से 21 और जीएसवीएम मेडिकल कालेज की लैब से नौ मरीजों में डेंगू के संक्रमण की पुष्टि हुई। दोनों लैब में भेजे गए 229 सैंपल में 30 संक्रमित मिले। इसमें शहर के 21 और आस-पास जिलों के नौ मरीज मिले। डेंगू के डंक के कारण एलएलआर अस्पताल और उर्सला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों का तांता लगा रहा। बालरोग, मेडिसिन के साथ त्वचा रोग विभाग में मरीज बड़ी संख्या में विशेषज्ञ को दिखाने पहुंचे। 

शनिवार को एलएलआर अस्पताल की ओपीडी में मेडिसिन, बालरोग और त्वचा रोग के मरीजों को देखने के लिए डाक्टरों की टीम को तैनात किया गया। जिससे कम समय में अधिक मरीजों को देखा जा सके। त्वचा रोग विभाग के डा. डीपी शिवहरे ने बताया कि डेंगू के ज्यादातर मामलों में त्वचा का रूखापन देखने को मिल रहा है। ऐसे मरीजों की संख्या में ओपीडी में बढ़ी है।

वहीं, बालरोग विभागाध्यक्ष डा. यशवंत राव ने बताया कि बालरोग बच्चों से भरा हुआ है। ओपीडी में भी बच्चों को दिखाने बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि एलएलआर अस्पताल की पूरी टीम डेंगू के संक्रमितों को बेहतर इलाज देने में जुटी है। शहर और आस-पास जिलों से डेंगू के लक्षण लेकर आ रहे मरीजों को प्राथमिकता पर इलाज दिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर बालरोग और डेंगू के  मरीजों के लिए बेड संख्या में विस्तार किया जाएगा।

एसीएमओ डा. आरएन सिंह ने बताया कि डेंगू के लक्षण वाले संक्रमितों के क्षेत्र में टीम को भेजकर सैंपल लिए जा रहे हैं। वहीं, उर्सला अस्पताल में डेंगू डेडिकेटेड अस्पताल करते हुए फिजीशियन को तैनात किया गया है। स्वास्थ्य विभाग टीम कई क्षेत्रों में लार्वा नष्ट करने के साथ जागरूकता अभियान चला रही है।

Edited By: Ekantar Gupta

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