जागरण संवाददाता, कानपुर : कोरोना के साथ डेंगू आक्रामक हो चला है। एक साथ दो वायरस का संक्रमण कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वालों के लिए घातक साबित हो रहा है, इसमें लापरवाही जानलेवा हो रही है। हैलट के कोविड हास्पिटल के आइसीयू में दोहरे वायरस संक्रमण से अब तक 21 मरीज गंभीर स्थिति में पहुंच गए, जिनमें 13 की बचाई जा सकी, जबकि छह ने दम तोड़ दिया। वहीं दो का इलाज चल रहा है।

डॉक्टरों का कहना है कि अब कोरोना पॉजिटिव मरीज डेंगू के संक्रमण के साथ आ रहे हैं। कई दिनों तक तेज बुखार न उतरने पर जांच कराने पर पता चल रहा है। सीबीसी जांच में प्लेटलेट्स काउंट 17 से 37 हजार के बीच मिल रहे हैं। मरीज सांस फूलने, तेज बुखार में कई दिन तक घर पर ही पड़े रहते हैं। खून की उल्टी व बेहोशी पर अस्पताल आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दो वायरस का संक्रमण घातक है। कोरोना फेफड़े और हार्ट को प्रभावित करने के साथ खून को गाढ़ा करता है। वहीं डेंगू का वायरस प्लेटलेट्स कम करता है, जिससे रक्त नलिकाएं क्षतिग्रस्त होकर लीक करने लगती हैं। इसकी वजह से शरीर में सूजन, कमजोरी होने लगती है। ब्लड प्रेशर गिरने से लिवर और किडनी की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है।

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पांच दिन से अधिक बुखार, सर्दी-जुकाम या गले में खराश रहे तो लापरवाही न बरतें। तत्काल कोरोना व डेंगू की जांच कराएं। खून की सीबीसी जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाती है। सावधानी एवं सतर्कता से ही बचाव संभव है।

डॉ. चंद्रशेखर सिंह, नोडल अफसर कोविड एचडीयू हैलट

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इस पर दें ध्यान

- घरों के आसपास पानी न एकत्र होने दें।

- पूरे बांह के कपड़े पहनें ताकि शरीर ढका रहे।

- मच्छरों से बचाव को मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।

- बुखार आने पर सिर्फ पैरासिटामॉल दवा का सेवन करें।

- भूल कर भी दर्द निवारक दवा न खाएं।

- चक्कर, उल्टी एवं कमजोरी होने पर अस्पताल में भर्ती हों।

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यह है घातक स्थिति

हाथ-पैर या शरीर में लाल-नीले चकत्ते पड़ना।

शरीर के किसी हिस्से से ब्लीडिग शुरू होना।

खून की उल्टी आना, बेहोशी की स्थिति होना।

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