कानपुर, जेएनएन। दिसंबर खासतौर पर पार्टियों के लिए जाना जाता है। एक ओर बीत रहे वर्ष को विदा करने और नए वर्ष के स्वागत की तैयारियां होती हैं तो बहुत से लोग इस सर्द मौसम में अपने खास टूर बना लेते हैं, लेकिन यह दिसंबर टैक्स सलाहकारों के लिए बहुत आसान नहीं है। आयकर और जीएसटी के तमाम रिटर्न ने उनकी पाॢटयों को भी मुश्किल कर दिया है और टूर को भी। हालांकि 31 दिसंबर और एक जनवरी को खुद को उलझाव से दूर रखने के लिए ज्यादातर टैक्स सलाहकारों ने कारोबारियों से कह दिया है कि वे अपने कार्य थोड़ा पहले ही करा लें, अन्यथा वे फंस सकते हैं। दिसंबर में अब तक जीएसटी के आधा दर्जन रिटर्न फाइल करने का समय गुजर चुका है, लेकिन अब भी एक दर्जन से ज्यादा रिटर्न बाकी है। इसमें आधे से ज्यादा रिटर्न की अंतिम तारीख 31 दिसंबर है। इसमें जीएसटी और आयकर दोनों के रिटर्न हैं। ज्यादातर कारोबारी अपने रिटर्न आखिरी समय ही फाइल कराते हैं, इसलिए ना चाहते हुए भी टैक्स सलाहकारों को वर्ष के आखिरी दिन फंसना ही होगा।

दिसंबर में ये प्रमुख रिटर्न अभी बाकी

20 दिसंबर को पांच करोड़ रुपये से ऊपर के टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी का 3बी रिटर्न फाइल करना है। 

20 दिसंबर को नॉन रेजीडेंट फारेन टैक्सेबल पर्सन के लिए जीएसटीआर 5 रिटर्न। 

24 दिसंबर को पांच करोड़ रुपये से नीचे के टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी का 3बी रिटर्न फाइल करना है। 

31 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए जीएसटीआर 9 वार्षिक रिटर्न सामान्य करदाताओं के लिए।

31 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए जीएसटीआर 9सी में जीएसटी ऑडिट रिपोर्ट। 

31 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए जीएसटीआर 9ए समाधान योजना के करदाताओं के लिए। 

31 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए सामान्य आयकरदाताओं के लिए अंतिम तारीख। 

31 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए आयकर के लिए टैक्स आडिट रिपोर्ट। 

31 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए कंपनी के निदेशकों को डीआइएन रिटर्न फाइल करना है। 

31 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए जीएसटीआर 9 के वार्षिक रिटर्न। 

31 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए जीएसटीआर 9ए के समाधान योजना के वार्षिक रिटर्न। 

31 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए जीएसटीआर 9सी में वार्षिक रिपोर्ट। 

31 दिसंबर को आयकर में विवाद से विश्वास योजना अपनाने की अंतिम तारीख।

इनका ये है कहना

कोरोना के चलते बहुत सारे रिटर्न एक साथ 31 दिसंबर को हो गए हैं। इन रिटर्न में से कुछ को थोड़ा आगे कर दिया जाए तो इससे काफी आसानी हो जाएगी।                               - दीप कुमार मिश्रा, चार्टर्ड अकाउंटेंट

इनका ये है कहना

टैक्स आडिट रिपोर्ट में सीए की रिपोर्ट को भी 31 जनवरी तक का मौका मिले क्योंंकि इसके टैक्स ऑडिट रिटर्न का समय भी 31 जनवरी किया जाए। इससे सीए पर बोझ कम होगा।      - शिवम ओमर, चार्टर्ड अकाउंटेंट।

 

Edited By: Akash Dwivedi