कानपुर, [समीर दीक्षित]। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) से पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। अगर वह पढ़ाई पूरी करने के साथ स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, तो विवि उनकी पांच लाख रुपये तक की मदद करेगा। खास बात यह है कि इस आर्थिक मदद में विवि किसी बाहरी कंपनी के साथ इक्विटी शेयङ्क्षरग नहीं करेगा।

कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की देखरेख में स्ïïटार्टअप से संबंधित नीति तैयार कर ली गई है। विवि से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि इससे छात्र-छात्राओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी। इसके लिए जल्द ही दूसरा एंटरप्रेन्योरियल कॉन्क्लेव कराने की तैयारी है। जिसमें छात्र-छात्राएं अपने आइडिया को प्रदर्शित कर सकेंगे।

ये मानक करने होंगे पूरे

  • स्टार्टअप संबंधी आइडिया का परीक्षण करेंगे विशेषज्ञ।
  • स्टार्टअप मानकों पर खरा उतरेगा तो ही मदद के लिए मिलेगी स्वीकृति।
  • नई जानकारी देने वाला हो स्टार्टअप।
  • सामाजिक हित के पैमाने पर खरा हो।
  • कम से कम निवेश पर बेहतर आइडिया।

प्रदेश सरकार से मिलेगी 10 लाख रुपये तक की सहायता

विवि में जो इंक्यूबेटर शुरू होने जा रहा है, अगर उससे किसी छात्र का स्टार्टअप आइडिया पास हो जाता है तो उसे प्रदेश सरकार की ओर से भी 10 लाख रुपये तक की सहायता मुहैया कराई जाएगी। इसकी घोषणा पहले की जा चुकी है। विवि परिसर स्थित कैंपस स्कूल में इंक्यूबेशन सेंटर की शुरुआत की जाएगी। जिसमें छात्र-छात्राएं स्टार्टअप शुरू करने के गुर भी सीख सकेंगे।

आइआइटी कानपुर से होगा करार

स्टार्टअप को लेकर सीएसजेएमयू का आइआइटी कानपुर से करार होगा। आइआइटी की तर्ज पर विवि के छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा। स्टार्टअप के क्षेत्र में मौजूदा दिग्गजों से छात्र-छात्राएं समय-समय पर रूबरू हो सकेंगे। आइटी विभागाध्यक्ष डॉ. राशि अग्रवाल ने बताया कि स्टार्टअप की नीति में पांच लाख रुपये तक की मदद का प्रावधान रखा गया है। इससे छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। जल्द ही तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।

Posted By: Abhishek

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