यूपी में खुलेंगे छह क्लस्टर, कारीगरों को डिग्री दिलाएगी क्राफ्ट यूनिवर्सिटी
गुजरात में क्राफ्ट यूनिवर्सिटी स्थापित हो रही है, जो पारंपरिक कारीगरों को डिग्री के माध्यम से नई पहचान देगी। इसके ...और पढ़ें

कारीगरों को डिग्री दिलाएगी क्राफ्ट यूनिवर्सिटी।
HighLights
गुजरात में क्राफ्ट यूनिवर्सिटी पारंपरिक हुनर को देगी पहचान।
उत्तर प्रदेश में छह नए क्राफ्ट क्लस्टर होंगे स्थापित।
कानपुर में प्लांट-आधारित क्राफ्ट क्लस्टर की तलाश जारी।
जागरण संवाददाता, कानपुर। पुश्तैनी हुनर को शैक्षणिक पहचान देने और पारंपरिक कारीगरों को डिग्री के माध्यम से नई पहचान दिलाने के लिए गुजरात में क्राफ्ट यूनिवर्सिटी स्थापित की जा रही है। अहमदाबाद में प्रस्तावित इस विश्वविद्यालय के साथ देशभर में 55 क्राफ्ट क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
इनमें छह क्लस्टर उत्तर प्रदेश में बनाने की योजना है। कानपुर, लखनऊ, खुर्जा, फिरोजाबाद और आगरा के नाम तय हो चुके हैं, जबकि छठे क्लस्टर के लिए कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
ग्रामश्री और क्राफ्टरूट्स की संस्थापक अनारबेन पटेल ने बताया कि क्राफ्ट यूनिवर्सिटी स्थापित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विश्वविद्यालय की शुरुआत मास्टर इन क्राफ्ट मैनेजमेंट सहित पांच पाठ्यक्रमों से होगी।
डिजाइन में स्नातक करने वाले ऐसे विद्यार्थियों के लिए ये पाठ्यक्रम उपयोगी होंगे, जो पारंपरिक शिल्प और हस्तकला के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। यहां विद्यार्थियों को स्थानीय कारीगरों के साथ रहकर पारंपरिक तकनीक, हुनर और काम करने के तरीकों को सीखने का अवसर मिलेगा।
कानपुर में पारंपरिक चमड़ा उद्योग के बजाय प्लांट बेस्ड क्राफ्ट क्लस्टर विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इसके लिए उपयुक्त संस्था की तलाश है। देश में ढाई करोड़ से अधिक कारीगरों की कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए यह कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यूपी की एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना से नए उद्यमियों और शिल्प क्षेत्र में रुचि रखने वालों को प्रदेश के विभिन्न जिलों के पारंपरिक उत्पादों की जानकारी एक ही जगह मिल रही है।
