कानपुर, जेएनएन। जिले में मेगा वैक्सीनेशन अभियान पर वैक्सीन का संकट अड़चन खड़ी कर रहा है। वैक्सीन की आपूर्ति 30 जून से ही लडख़ड़ाने लगी थी। इस वजह से वैक्सीनेशन का ग्राफ नीचे आने लगा। ऐसे में दूसरे जिलों से वैक्सीन मांगनी पड़ रही है। अब तक जिले में आगरा, झांसी और लखनऊ से वैक्सीन मंगाई जा चुकी है। अब रविवार को वाराणसी से वैक्सीन की 11, 500 डोज मंगाई गई है। हालांकि, अपर निदेशक ने दूसरे जिलों पर वैक्सीन के लिए निर्भरता से इंकार किया है।

जिले में पहली जुलाई से ग्रामीण क्षेत्र में मेगा वैक्सीनेशन की शुरुआत होनी थी। पहले दिन 50 हजार लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रख गया था। वैक्सीन नहीं मिलने से सारी तैयारी गड़बड़ा गई। हालांकि 30 जून को जिले को आगरा से वैक्सीन की 8400 डोज मिली, उसमें 7400 कोविशील्ड एवं 1000 डोज कोवैक्सीन की मिली। तीन जुलाई को झांसी से वैक्सीन की 30,100 डोज मिली थी, जिसमें कोवैक्सीन की 5100 डोज थीं। इसी तरह चार जुलाई को जिले को लखनऊ से कोविशील्ड वैक्सीन की 39,200 डोज मिली थी। ऐस में कोविड वैक्सीनेशन सेंटर बढ़ा दिए गए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा सके।

  • -वैक्सीन की सप्लाई करने वाली कंपनी ने पहले मेरठ में वैक्सीन उतार दी थी। इसे आगरा मंगाया गया, वहां से 30 जून को शहर लाया गया। इसके बाद कंपनी ने झांसी में उतार दी, तो वहां से मंगाना पड़ा। लखनऊ एयरपोर्ट पर उतारने पर वहां से मंगाई गई। इस बार वाराणसी में उतार दिया, तो वहां से मंगानी पड़ी। -डा. जीके मिश्रा, अपर निदेशक, चिकित्सा स्वस्थ्य एवं परिवार कल्याण।

Edited By: Abhishek Agnihotri