कानपुर, जेएनएन। बीएसएनएल और निजी मोबाइल कंपनियां 5जी नेटवर्क लाने की तैयारी में जुटी हैं। अधिक से अधिक सिम बेचने की उनमें होड़ भी है, लेकिन उनका 4जी नेटवर्क दम तोड़ रहा है। कॉल करने में तमाम दिक्कतें आ रही हैं। कुछ दूरसंचार कंपनियों के एक दूसरे में विलय के बाद यह उम्मीद जगी थी कि नेटवर्क बेहतर ढंग से काम करेंगे पर ऐसा नहीं हुआ। एक बार में कॉल न लगने से उपभोक्ता परेशान हैं। कई-कई बार फोन मिलाना पड़ता है तब कहीं घंटी बजती है।

लगभग यह स्थिति सभी दूरसंचार कंपनियों के नेटवर्क की है। कई बार लोग फोन को बंद करते हैं फिर चालू करते हैं, लेकिन यह उपाय भी कारगर नहीं होता। स्पेक्ट्रम और टावरों की संख्या कम होने की वजह से अक्सर कॉल ड्राप हो जाती है। नियमानुसार एक टावर के जरिए 20 हजार ग्राहकों को सेवाएं दी जा सकती हैं। ग्राहकों की संख्या इससे ऊपर जाने पर आसपास में दूसरा टावर लगाने की जरूरत होती है, लेकिन यह मानक पूरा नहीं हो रहा है।

ग्राहकों का दर्द

कॉल ड्राप की शिकायत ग्राहक सेवा अधिकारी से एक सप्ताह में चार से अधिक बार कर चुका हूं। अभी भी समस्या जस की तस बनी हुई है। - बैजू गुप्ता एक बार में तो किसी भी हालत में फोन नहीं मिलता। ग्राहक सेवा अधिकारी व कंपनी के आउटलेट पर भी शिकायत की, लेकिन होता कुछ नहीं। -अभिषेक पांडेय

फोन में घंटी भी नहीं जाती और फोन भी उठ जाता है। मिनटों बोलते रहो आवाज न आती न जाती। कई बार फोन बंद करना पड़ता है। -आकाश सिंह ग्राहक सेवा अधिकारी के लिए भी फोन एक बार में नहीं लगता। शिकायत हो भी जाए तो उसका समाधान असंभव सा है। -अजय कुमार

पावर कट की समस्या

बिजली का बिल न जमा होने से नेटवर्क में पावर कट की समस्या थी। अब बिल जमा हो गया है। अब बीएसएनएल का नेटवर्क दुरुस्त हो गया। हर दो व तीन किमी में नेटवर्क लगने चाहिए। -मुकेश सिंह, मंडलीय अभियंता फोन्स, बीएसएनएल

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