कानपुर, जेएनएन। सांगीपुर की घटना के बाद वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी और विधानसभा में सीएलपी लीडर व विधायक मोना मिश्रा पर दर्ज मुकदमों से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शहर कांग्रेस कमेटी कानपुर दक्षिण और उत्तर के संयुक्त तत्वावधान में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर कांग्रेसी तिरंगे झंडे लेकर पहुंचे। वहीं, कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।

 प्रदर्शन के दौरान दक्षिण कांग्रेस अध्यक्ष डा. शैलेंद्र दीक्षित ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार में जंगल का कानून चल रहा है। गैर भाजपाई नेताओं पर राजनीतिक विरोध के चलते विभिन्न आपराधिक धाराओं में झूठे मुकदमे लिखाकर उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। पिछले साढ़े चार साल में सरकार ने प्रदेश में विकास के नाम पर जनता को सिर्फ गुमराह करने का काम किया है। अब चुनावी वर्ष आने पर कांग्रेस के बढ़ते जनाधार को देखकर घबरायी सरकार कांग्रेस के नेताओं पर झूठे मुकदमे बाजी करके कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने का कुचक्र रच रही है। लेकिन कांग्रेसजन सरकार के मंसूबों को सफल नहीं होने देंगे। कांग्रेस पार्टी सरकार की इस कूटनीतिक चाल के विरोध में पूरे प्रदेश में जन आंदोलन छेड़ेगी और उत्तर प्रदेश की सरकार के काले कारनामों को जनता तक पहुंचाएगी। ज्ञापन के माध्यम से डा. दीक्षित ने राज्यपाल से निवेदन किया कि जल्द ही कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लिखे गए झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं और सांगीपुर की घटना की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। 

ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से संजीव दरियावादी, दिलीप शुक्ला, विनोद सिंह, मानेश दीक्षित, प्रवीन द्विवेदी, रवी सिंह, सरदार रौनक़ सिंह, विवेक सिंह, बीके सिंह, विनय मिश्रा, अजय तिवारी, इमरान खान, तौकीर अहमद, देशबन्धु तिवारी,चन्द्रमणि मिश्रा, रजनी सेंगर, शबनम आदिल,नवनीत मिश्रा, हर्षित सिंह, इम्तियाज़ क़ुरैशी, सिराज़,त्रिलेकी त्रिवेदी, आशिफ इकबाल, वकील अहमद आदि लोग शामिल रहे।a

Edited By: Shaswat Gupta