कानपुर, जेएनएन। ज्यादा से ज्यादा मतदान के लिए मतदाताओं को वर्षों से जागरूक किया जाता रहा है। इसलिए कि जनप्रतिनिधि चुनने में हर किसी की सहभागिता और फैसला हो। कानपुर संसदीय सीट पर एक चुनाव ऐसा भी रहा, जब कुल मतदाताओं का मात्र 14.79 फीसद ही वोट हासिल करके भी सांसद बन चुके हैं। 21वीं सदी के पहले चुनाव में ऐसा हुआ। यह सांसद कोई और नहीं कांग्र्रेस के प्रत्याशी श्रीप्रकाश जायसवाल थे, जिन्होंने वर्ष 2004 के चुनाव में भाजपा के सत्यदेव पचौरी को हराया था।

कानपुर में लोकसभा के लिए अब तक 18 चुनाव हो चुके हैं और यह 19वां चुनाव है। अब तक हुए सांसदों में मतदाताओं का सबसे कम प्रतिशत पाकर कांग्र्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल वर्ष 2004 में चुनाव जीते थे। इस चुनाव में हारे भाजपा प्रत्याशी सत्यदेव पचौरी को 14.4 फीसद वोट मिले थे। अब फिर दोनों आमने सामने हैं।

मात्र दो बार पासिंग फीसद मिला

कानपुर के सांसदों ने अब तक दो बार ही 33 फीसद का पासिंग मार्क हासिल किया है। दोनों ही चुनाव बहुत महत्वपूर्ण थे। देश के पहले चुनाव में जब पूरी दुनिया की निगाह भारतीय लोकतंत्र के पहले चुनाव पर थी तो कानपुर के हरिहर नाथ शास्त्री ने 33.77 फीसद मतदाताओं के वोट हासिल किए थे। दूसरी बार आपातकाल के बाद 1977 में हुए चुनाव में मनोहर लाल ने 41.42 फीसद वोट पाकर जीत हासिल की।

कुल वोट में मिले (आंकड़े फीसद में)

वर्ष        सांसद                 फीसद

1952 हरिहर नाथ शास्त्री 33.77

1952 शिव नारायण टंडन 15.06

1952 राजाराम शास्त्री 15.99

1957 एसएम बनर्जी 20.92

1962 एसएम बनर्जी 29.82

1967 एसएम बनर्जी 16.76

1971 एसएम बनर्जी 29.41

1977 मनोहर लाल 41.42

1980 आरिफ मोहम्मद खान 23.08

1984 नरेश चंद्र चतुर्वेदी 31.84

1989 सुभाषिनी अली 16.66

1991 जगतवीर सिंह द्रोण 18.09

1996 जगतवीर सिंह द्रोण 21.67

1998 जगतवीर सिंह द्रोण 23.96

1999 श्रीप्रकाश जायसवाल 20.71

2004 श्रीप्रकाश जायसवाल 14.79

2009 श्रीप्रकाश जायसवाल 15.47

2014 डॉ. मुरली मनोहर जोशी 29.46  

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Posted By: Abhishek