कोडीन सीरप मामले में विनोद अग्रवाल की करोड़ों की पांच संपत्तियां फ्रीज, पुलिस ने चस्पा किया नोटिस
वाराणसी पुलिस ने कानपुर में कोडीनयुक्त सीरप मामले के सरगना विनोद अग्रवाल और उनके परिवार की पांच संपत्तियां फ्रीज की ...और पढ़ें

घर पर नोटिस चस्पा करते पुलिस अधिकारी। जागरण
HighLights
वाराणसी पुलिस ने कानपुर में की बड़ी कार्रवाई।
विनोद अग्रवाल की पांच संपत्तियां फ्रीज की गईं।
अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति पर रोक लगाई।
जागरण संवाददाता, कानपुर। कोडीनयुक्त सीरप मामले में वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने गुरुवार को शहर पहुंचकर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सरगना विनोद अग्रवाल और उनके स्वजन की पांच संपत्तियां फ्रीज की है। जिसमें चार अचल संपत्तियां और आईसीआईसीआई बैंक का एक खाता शामिल है। पुलिस का कहना है कि यह संपत्तियां विनोद अग्रवाल ने कोडिंग युक्त सीरप से काली कमाई कर अर्जित की हैं।
वाराणसी कमिश्नरेट से गुरुवार को सारनाथ एसीपी विदूष सक्सेना सारनाथ थाना पुलिस के साथ शहर पहुंचे। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि सारनाथ में वहां के क्षेत्रीय ड्रग इंस्पेक्टर ने कोडीनयुक्त सीरप मामले में सरगना विनोद अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
वहीं कलक्टर गंज थाने में भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसे लेकर सारनाथ थाना पुलिस और एसीपी विदूष सक्सेना गुरुवार को शहर पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने ग्वालटोली थानाक्षेत्र के सिविल लाइन स्थित गोपाल विहार सोसायटी में दो संपत्तियों को फ्रीज किया।
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एसीपी ने बताया कि विनोद अग्रवाल उनके बेटे और स्वजन कोडीनयुक्त सीरप से करोड़ों की काली कमाई कर संपत्तियां अर्जित की थी। जिसमें शहर के गोपाल विहार सोसाइटी में दो प्लाट, चकेरी के दहेली सुजानपुर में एक और जाजमऊ में कुल चार अचल संपत्तियां बनाई थी।
वहीं बिरहाना रोड स्थित आइसीआइसीआइ बैंक में 37 लाख रुपए जमा है। एसीपी ने बताया बैंक खाता समेत इन सभी पांच संपत्तियों को धारा 68 एफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत फ्रीज किया गया है। जिसके तहत इन सब पत्तियों के बिक्री उपयोग और हस्तांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
