जागरण संवाददाता, कानपुर : बढ़ते जल संकट से निजात कैसे मिले यह जानने को लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम्य विकास मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। इस समस्या से कैसे निजात पाई जा सकती है, इसके अध्ययन के लिए गठित कमेटी में तीन मंत्री और तीन विभागों के प्रमुख सचिवों को रखा गया है। यह कमेटी बुंदेलखंड का भी दौरा करेगी। फिलहाल 14 मार्च को ओईएफ गेस्ट हाउस में शाम साढ़े पाच बजे बैठक होगी, जिसमें पानी संकट की वजह और उससे निजात पाने के तरीके बताए जाएंगे।

दैनिक जागरण पिछले कुछ समय से पानी की बर्बादी को लेकर अभियान चलाते रहा है। इसी का असर है कि मुख्यमंत्री ने यह निर्णय लिया है। अध्ययन दल में ग्राम्य विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. महेंद्र सिंह, सिंचाई राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, नगर विकास राज्यमंत्री डॉ. गिरीश चंद्र यादव, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह व प्रमुख सचिव सिंचाई टी वेंकटेश शामिल हैं। ये लोग 14 को शहर आएंगे और कानपुर, आगरा, इलाहाबाद व विंध्याचल मंडल के अफसरों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में भूगर्भ विभाग, नगर विकास विभाग, जलनिगम विभागों के अफसरों के साथ ही मंडलायुक्त, डीएम, सीडीओ, ग्राम्य विकास विभाग के अफसर उपस्थित रहेंगे। पानी की बर्बादी रोकने, वर्षा जल संचयन को अभियान का रूप देने पर भी चर्चा होगी। अध्ययन दल पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगा। डीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अध्ययन दल बैठक करेगा और समस्या समाधान कैसे हो यह जानेगा। भूगर्भ जल का स्तर लगातार घट रहा है। वजह से से पीने के पानी का संकट पैदा हो गया है। हैंडपंप हों या नलकूप, गर्मी के समय में उनसे क्षमता के अनुरूप पानी नहीं निकलता। तमाम नलकूप और हैंडपंप स्थापना के कुछ ही सालों बाद रीबोर कराने की स्थिति में आ जाते हैं।

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