कानपुर, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सीसामऊ का नाला गंगा में गिरता था, इसके लिए कानपुर के लोगों को हमेशा मलाल रहता था कि कानपुर के कारण गंगा जी प्रदूषित हो रही है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से नमामि गंगे परियोजना से जो काम हुआ है, उसका परिणाम है कि सीवर गिरने की जगह वहां आज सेल्फी प्वाइंट बन गया है। कानपुर में मां गंगा का पानी आचमन लायक हो गया है। सौभाग्य की बात है प्रधानमंत्री स्वयं इसकी समीक्षा करने कानपुर आ रहे हैं। वह प्रधानमंत्री के कानपुर आगमन की तैयारियों का जायजा लेने गुरुवार पूर्वाह्न आए थे।

उप्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री भी इस अवसर पर कानपुर की इस उपलब्धि और नमामि गंगे परियोजना के बेहतर परिणाम को अपनी आंखों से देखेंगे। स्वभाविक रूप से मां गंगा के प्रति जो आस्था देश की है, उसको सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्री ने नमामि गंगे मिशन को आगे बढ़ाया। आज उस मिशन के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं, इस वर्ष के प्रारंभ प्रयागराज कुंभ उसका एक उदाहरण था। मुख्यमंत्री ने कहा नमामि गंगे परियोजना का परिणाम कानपुर में गंगाजी की निर्मलता और अविरलता का उदाहरण भी है। स्वाभाविक रूप से सभी राज्य, शहर और कस्बा इससे प्रेरणा लेगा, मैं प्रधानमंत्री मोदी जी का अभिनंदन करता हूं। 

गुरुवार पूर्वाह्न करीब 11:49 बजे मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर सीएसए कृषि विवि परिसर में बने हेलीपैड पर उतरा। यहां से वह सीधे अटल घाट पहुंचे और सीसामऊ नाले का निरीक्षण किया। वह आदित्यनाथ घाट से सीसामऊ नाले तक गए और वहां पर उन्होंने सेल्फी भी ली। गंगा में गिरने वाले नालों का भ्रमण के बाद वापस सीएसए कृषि विश्वविद्यालय पहुंचकर उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक शुरू की। उनके साथ जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण, महापौर प्रमिला पांडे और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री नीलिमा कटियार भी। 

मौसम के अनुरूप करें तैयारी

बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन और गंगा काउंसिल की बैठक की तैयारियों के बाबत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मौसम गड़बड़ है, इसे देखते हुए तैयारियां की जाएं। प्रधानमंत्री के सड़क मार्ग के रूट का रिहर्सल कराया जाए। कई राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और वीवीआईपी आ रहे हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा और अगवानी में किसी तरह की कोई दिक्कत न हो। शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर रहे। उन्होंने बैठक के लिए चिह्नित कमेटी हॉल का निरीक्षण किया और नमामि गंगे की ओर से तैयार किए जा रहे प्रदर्शनी स्थल को भी देखा। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 1.48 बजे रवाना हो गए।

14 दिसंबर को कानपुर आ रहे प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) के अंतर्गत कार्यों को देखने के लिए 14 दिसंबर को कानपुर आगमन प्रस्तावित है। इसी क्रम में शासन और प्रशासन के उच्च पदस्थ अधिकारी अटल घाट पर तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। यहां पर प्रधानमंत्री पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ गंगा की स्थिति देखेंगे और स्वच्छता पर मंथन करेंगे। पहले की तरह गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए बैठक में गंगा एक्शन प्लान भी तैयार किया जा सकता है, यह कार्ययोजना गोमुख से गंगा सागर तक लागू किए जाने की संभावना है। 

प्रधानमंत्री को प्रदर्शनी के माध्यम से कानपुर की उपलब्धियों को दिखाने की भी तैयारी है। इसमें आइआइटी, सीएसए, आइआइपीआर, एचबीटीयू, एलिम्को के शोध, प्रोजेक्ट और उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। चकेरी एयरपोर्ट पर आने के बाद प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) पहुंचेंगे। यहां से उनका काफिला अटल घाट पहुंचेगा, जहां गंगा की स्वच्छता पर मंथन होगा। 

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस