कानपुर, जेएनएन। ईद-उल-अजहा पर शहर की सभी ईदगाह और मस्जिदों में नमाज अदा की गई। नमाज अदा करने के बाद बच्चों ने तिरंगा लहराकर देश भक्ति का जज़्बा दिखाया। वहीं पर्दानशीं महिलाओं ने भी नमाज अदा करके मुल्क में अमन-चैन और एकता के लिए हाथ उठाकर दुआ मांगी। मस्जिदों के बाहर निकलने पर सभी ने एक दूसरे के गले मिलकर भाईचारा कायम रखने का संदेश दिया। इस दौरान प्रशासनिक अफसर और विभिन्न दलों के नेता भी कैंप लगाकर नमाजियों के गले मिले।

ईद-उल-अजहा पर सोमवार को बड़ी ईदगाह बकरमडी में पेश इमाम मौलाना कारी मोहम्मद शकील ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर दुआ की। कहा, ऐ खुदा, हुकूमत करने वालों को इंसाफ वाला बना दो, कुछ लोग हमारे भाईचारे को खत्म करने की साजि़श कर रहे हैं, उनके दिलों में एक दूसरे के प्रति मोहब्बत डाल दीजिए। उनकी इस दुआ पर लाखों नमाजियों ने आमीन बोलकर आवाज तेज की।

बगाही ईदगाह में मौलाना कारी मोहम्मद अहमद ने अमन चैन की दुआ कराई। गददियाना ईदगाह में मौलाना हाशिम अशरफी ने भी दुआ की। मास्टर अब्दुल करीम ईदगाह और सुजातगज ईदगाह में पुरुषों के साथ ही महिलाओं ने भी नमाज अदा की।

दो लाख से अधिक जानवरों की कुर्बानी

बकरीद की नमाज के बाद शहरभर में करीब दो लाख से अधिक जानवरों की कुर्बानी दी गई। ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

बड़ी ईदगाह के बाहर जिलाधिकारी विजय विश्वास पर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंतदेव तिवारी के अलावा आला अफसरान मौजूद रहे। उन्होंने लोगों को गले लगा कर बकरीद की मुबारकबाद दी।

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Posted By: Abhishek

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