कानपुर, जेएनएन। चित्रकूट में बच्चों के यौन शोषण और इंटरनेट पर वीडियो अपलोड करने के मामले में गिरफ्तार सिंचाई विभाग के निलंबित जेई से पूछताछ के लिए सीबीआइ को चार दिन की रिमांड कोर्ट से मिल गई है। हालांकि आरोपित जेई की जेल में दाखिले के समय कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोरोना संक्रमित जेई से अब सीबीआइ नियमों का पालन करते हुए पूछताछ करेगी।

चित्रकूट कर्वी में सिंचाई विभाग में तैनात निलंबित अवर अभियंता रामभवन को सीबीआइ ने गिरफ्तार किया था। उसपर पचास से ज्यादा बच्चों के यौन शोषण और अश्लील वीडियो इंटरनेट पर अपलोड करने का आरोप है। इसी मामले में दिल्ली से अनपरा का इंजीनियर भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बाद ही सीबीआइ ने पूरी पड़ताल के बाद आरोपित जेई को पकड़ा था। 16 नवंबर को अदालत में पेश करने के बाद उसे बांदा मंडल कारागार भेज दिया गया था।

सीबीआइ ने बांदा कोर्ट में आरोपित जेई की रिमांड के लिए अर्जी दाखिल की थी। सुनवाई के दिन बचाव पक्ष के वकील ने आपत्ति दाखिल कर दी थी। इसपर कोर्ट ने आपत्ति पर जवाब दावा पेश करने का समय देते हुए तिथि बढ़ा दी थी। 24 नवंबर को अपर सत्र न्यायाधीश पंचम रिजवान अहमद की अदालत में दोनों पक्षों की बहस पूरी हुई थी। कोर्ट ने रिमांड अर्जी पर बुधवार तक के लिए फैसला सुरक्षित किया था। सीबीआइ के अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह, सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज दीक्षित व विशेष अधिवक्ता पॉक्सो रामसुफल ने रिमांड को लेकर दलीलें दी थीं, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता देवदत्त त्रिपाठी व अनुराग सिंह चंदेल ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया था।

सीबीआइ की तरफ से अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह, डिप्टी एसपी अमित कुमार व अन्य सदस्य बुधवार सुबह 11.30 बजे कोर्ट पहुंच गए। चर्चित मामले के फैसले को लेकर सुबह से ही कोर्ट में गहमागहमी बनी रही। शाम करीब सवा चार बजे न्यायाधीश ने फैसला सुनाया और गुरुवार सुबह 9 बजे से 30 नवंबर की शाम चार बजे तक रिमांड पर देने का आदेश दिया। अब आरोपित सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन को गुरुवार को सीबीआइ को सौंपा जाएगा। बताते चलें कि सोमवार की शाम आरोपित जेई रामभवन की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। अब सीबीआइ को कोविड नियमों का पालन करते हुए आरोपित जेई से पूछताछ करनी होगी।

Edited By: Abhishek Agnihotri