कानपुर, जेएनएन। कोरोना के इस दौर में जब आधा दर्जन से ज्यादा बाजारों के व्यापारियों ने अपनी दुकानें पिछले दो सप्ताह से बंद की हुई हैं और टैक्स सलाहकार आफिसों में बैठने की जगह अपने घर से काम करने लगे हैं। ऐसे में जीएसटी और आयकर के जो रिटर्न आने वाले समय में सामने आ रहे हैं या 30 अप्रैल को जिनकी अंतिम तारीख गुजर चुकी है, उन सभी के लिए टैक्स सलाहकार व व्यापारियों ने तारीख बढ़वाने की मुहिम शुरू कर दी है। इसके लिए वित्त मंत्रालय और वित्त मंत्री दोनों जगह पत्र लिखे जा रहे हैं। इस मामले में पहले उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने वित्त मंत्री को पत्र लिखा। फिर कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने पत्र लिखा। दोनों ने इनकी तारीखों को बढ़ाने की मांग की।

अब टैक्स सलाहकार भी इसी रास्ते पर चल पड़े हैं। टैक्स सलाहकार संतोष गुप्ता के मुताबिक कोरोना से सरकारी विभागों में भी बहुत अधिक लोग संक्रमित हैं। कार्यालयों में बंदी सी स्थिति है। टैक्स सलाहकार और चार्टर्ड अकाउंटेंट ने इस बीमारी से बचने के लिए कार्यालय आना बंद कर दिया है। वे घर से कार्य कर रहे हैं। वे विभागों में व्यक्तिगत उपस्थिति से बच रहे हैं।

ऐसे गंभीर समय में आयकर व जीएसटी के रिटर्न व अन्य कार्यों की तारीख कम से कम 30 जून होनी चाहिए। जो रिटर्न करदाताओं को 30 अप्रैल तक फाइल करने हैं। उनकी तिथियों को सरकार को कम से कम 30 जून तक बढ़ाना चाहिए। मार्च 2021 के काटे गये टीडीएस की धनराशि जमा करने की समय सीमा 30 अप्रैल थी। इसे 30 जून 2021 तक बढ़ाना चाहिए। मार्च 2021 के त्रैमास का टीडीएस रिटर्न 31 मई तक दाखिल करना है, इसकी तिथि जुलाई 2021 तक बढ़ानी चाहिए। टीसीएस के चतुर्थ त्रैमास 2020-2021 का रिटर्न 15 मई 2021 तक दाखिल होना है। इसकी तिथि जुलाई 2021 तक बढ़ानी चाहिए।