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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सूखे से जूझ रहे बुंदेलखंड के किसान इजरायली तकनीक से करेंगे खेती

By Ashish MishraEdited By:
Published: Sat, 03 Feb 2018 10:25 AM (GMT+05:30)Updated: Sat, 03 Feb 2018 11:51 AM (GMT+05:30)

मुख्य सचिव ने बताया कि बुंदेलखंड में पानी का अभाव है। यहां की परिस्थितियां इजरायल से मेल खाती हैं। इसलिए ...और पढ़ें

सूखे से जूझ रहे बुंदेलखंड के किसान इजरायली तकनीक से करेंगे खेती
सूखे से जूझ रहे बुंदेलखंड के किसान इजरायली तकनीक से करेंगे खेती

झासी (जेएनएन)। कोशिशें कामयाब हुईं तो सूखे की विभीषिका का सामना कर रहा बुंदेलखंड खेती के क्षेत्र में मिनी इजरायल बनेगा। उसी पद्धति पर फसलें बोई जाएंगी और वैसे ही सिंचाई प्रबंध किए जाएंगे। इसके लिए जल्द इजरायल की टीम सर्वे के लिए यहां आएगी। प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने बताया कि झांसी मंडल के सम्भावित सूखे से निपटने के लिए फिलहाल 138 करोड़ की स्वीकृति प्रदान कर दी है और अधिकारियों को 10 फरवरी तक एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

झांसी व चित्रकूट मंडल की विकास योजनाओं की समीक्षा करने के बाद नगर निगम सभागार में पत्रकारों से वार्ता में मुख्य सचिव ने बताया कि बुंदेलखंड में पानी का अभाव है। यहां की परिस्थितियां इजरायल से मेल खाती हैं। इसलिए बुंदेलखंड में इजरायल पैटर्न पर खेती कराने का निर्णय लिया गया है। इजरायल के राजदूत से वार्ता हो चुकी है। जल्द ही वहां से विशेषज्ञों की टीम सर्वे करने आएगी। मुख्य सचिव ने कहा कि बुंदेलखंड में संभावित सूखे से निपटने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

पाइप पेयजल योजना के लिए 83 करोड़, विद्युत की खामियां दूर करने के लिए 36 करोड़ और ट्यूबवेल मरम्मत के लिए 19.5 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां त्वरित योजना व बुंदेलखंड निधि से दी गई हैं। विधायकों को भी 100-100 हैंडपंप लगवाने की स्वीकृति दे दी गई है, जो मार्च तक लगाए जाएंगे।