कानपुर, जेएनएन। देहात जनपद के रसूलाबाद के एक गांव में उस समय मातम छा गया, जब गांव के पूर्व फौजी को रेलवे स्टेशन छोडऩे गए युवक की मौत की खबर घर आई। उसके घर में कोहराम मच गया और गांव वालों का मजमा लग गया। युवक दिल्ली जा रहे गांव के रिटायर्ड फौजी को ट्रेन में बिठाने के लिए कार से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन आया था और लौटते समय शिवली में हादसे का शिकार हो गया। रसूलाबाद मार्ग पर कार-लोडर की भिड़ंत में दोनों चालकों की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल पूर्व फौजी के छोटे भाई को एलएलआर अस्पताल (हैलट) में भर्ती कराया गया है।

रसूलाबाद के घासी निवादा निवासी पुत्तन सिंह के बड़े भाई राजेंद्र सिंह सेवानिवृत्त फौजी है और दिल्ली में रहते हैं। कुछ दिन पहले राजेंद्र गांव आए थे और रविवार रात की उनकी दिल्ली की टे्रन थी। शाम को पुत्तन कार से बड़े भाई को दिल्ली की ट्रेन में बिठाने के लिए कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन गए थे। कार को गांव का ही 20 वर्षीय शिवम उर्फ गोलू चला रहा था। देर शाम बड़े भाई को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन छोडऩे के बाद पुत्तन सिंह लौट रहे थे। शिवली में सहतावनपुर गांव के सामने देर रात उनकी कार सामने से भूसा लादकर आ रहे तेज रफ्तार लोडर से टकरा गई।

हादसे में पुत्तन, गोलू और लोडर चालक नेहरू नगर रसूलाबाद निवासी 40 वर्षीय मुख्तियार गंभीर रूप से घायल हो गए। जोरदार आवाज सुनकर आसपास के गांव से लोग पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी। कोतवाली के दारोगा लक्ष्मण सिंह व अशोक कुमार मौके पर पहुंचे और घायलों को सीएचसी भेजा गया। रास्ते में कार व लोडर के चालकों की मौत हो गई। वहीं डॉक्टरों ने कार मालिक को गंभीर हालत में एलएलआर अस्पताल रेफर कर दिया।

Posted By: Abhishek

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